ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News राजस्थानकृपाण लेकर सिविल जज परीक्षा देने पहुंची थी सिख महिला, नहीं मिली एंट्री, बढ़ा सियासी बवाल

कृपाण लेकर सिविल जज परीक्षा देने पहुंची थी सिख महिला, नहीं मिली एंट्री, बढ़ा सियासी बवाल

जोधपुर के एक परीक्षा केंद्र पर रविवार को एक सिख महिला और पुरुष अभ्यर्थी कृपाण और कड़ा पहन कर सिविल जज कैडर, 2024 की सीधी भर्ती के लिए आयोजित प्रारंभिक परीक्षा देने पहुंचे तो उन्हें रोक दिया गया।

कृपाण लेकर सिविल जज परीक्षा देने पहुंची थी सिख महिला, नहीं मिली एंट्री, बढ़ा सियासी बवाल
Krishna Singhदिनेश बोथरा,जयपुरMon, 24 Jun 2024 07:33 PM
ऐप पर पढ़ें

जोधपुर के एक परीक्षा केंद्र पर रविवार को उस वक्त विवाद हो गया जब एक सिख महिला और पुरुष अभ्यर्थी को कृपाण और कड़ा पहनने के कारण सिविल जज कैडर, 2024 की सीधी भर्ती के लिए आयोजित प्रारंभिक परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई। यह घटना जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुई सियासी बवाल भी बढ़ गया। पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने एक्स पर एक पोस्ट में इस घटना की निंदा की। 

सुखबीर सिंह बादल ने धार्मिक प्रतीकों के साथ परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दिए जाने पर सवाल उठाते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। एक पुलिस अधिकारी ने इस वाकए पर कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन ने सिविल जज कैडर में सीधी भर्ती के लिए प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की थी। इसमें पुलिस केवल सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिम्मेदार थी।

वहीं राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन ने इस घटना पर आधिकारिक रूप से कोई बयान नहीं दिया है। वहीं ड्यूटी पर मौजूद एक पुलिसकर्मी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि परीक्षा केंद्र पर तैनात महिला निरीक्षक ने नियमों का हवाला देते हुए दोनों अभ्यर्थियों को कृपाण और कड़ा पहनकर प्रवेश करने की अनुमति देने में अपनी मजबूरी जताई। महिला निरीक्षक ने कहा कि नियमों में इसकी इजाजत नहीं है। दूसरी ओर अभ्यर्थी कृपाण और कड़ा धारण कर परीक्षा देने की जिद पर अड़े रहे।

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने सबसे पहले इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि मैं इस घटना की कड़ी निंदा करता हूं। जालंधर की वकील और अमृतधारी सिख बीबी अरमानजोत कौर को पवित्र कृपाण के साथ न्यायिक सेवा परीक्षा देने से रोक दिया गया। यह धर्म का अपमान है। मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री से अनुरोध करता हूं कि वे दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करें और बीबी अरमानजोत कौर को परीक्षा में बैठने का विशेष मौका दें।

एक अधिकारी ने कहा कि अभ्यर्थियों को परीक्षा के दौरान प्रतिबंधित सामानों के बारे में पहले ही बता दिया गया था। अभ्यर्थियों को परीक्षा में मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर, पेजर, इंक पेन, स्लाइड रूल, ज्योमेट्री बॉक्स, वॉलेट, पर्स, बैग, हथियार या कोई भी नुकीली वस्तु लाने से मना किया गया था। वहीं शिरोमणि अकाली दल के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने लिखा- व्यथित हूं कि वकील अरमानजोत कौर को कृपाण उतारने से इनकार करने पर न्यायिक सेवा परीक्षा देने से रोक दिया गया।