ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News राजस्थानJEE ADVANCED 2024: गाइडलाइन से दी अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में एंट्री, गर्मी से बचने के नहीं थे इंतजाम

JEE ADVANCED 2024: गाइडलाइन से दी अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में एंट्री, गर्मी से बचने के नहीं थे इंतजाम

देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम एडवांस्ड (JEE ADVANCED 2024) की परीक्षा आज हो रही है। दूसरी पारी शुरू हो गई है। लेकिन भीषण गर्मी से बचने के इंतजाम नहीं थे।

JEE ADVANCED 2024: गाइडलाइन से दी अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में एंट्री, गर्मी से बचने के नहीं थे इंतजाम
Prem Meenaलाइव हिंदुस्तान,जयपुरSun, 26 May 2024 03:28 PM
ऐप पर पढ़ें

देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम एडवांस्ड (JEE ADVANCED 2024) की परीक्षा आज हो रही है। दूसरी पारी शुरू हो गई है। इस एग्जाम में देशभर के 222 शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसके अलावा तीन विदेशी शहर दुबई, काठमांडू और अबू धाबी में भी परीक्षा केंद्र हैं। देश- विदेश में मिलाकर 1.91 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है। बीते सालों के आंकड़े को देखते हुए 1.82 लाख अभ्यर्थियों की उपस्थिति रह सकती है।

हालांकि भीषण गर्मी को देखते हुए परीक्षा केंद्र के बाहर कोई इंतजाम नहीं किए गए जिसकी वजह ज्यादतर परेंटे परेशान दिखे। पेरेंट्स को अभ्यर्थी को लेने और छोड़ने के लिए दिन में चार बार सेंटर के चक्कर लगाने होंगे। क्योंकि दो पारियों में यह एग्जाम सुबह 9:00 से 12 और दोपहर में 2: 30 से 5:30 के बीच होगा. एग्जाम में एंट्री से पहले काफी सख्ती से अभ्यर्थियों की तलाशी ली गई। एक ओर जहां एग्जाम हॉल में अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं तो बाहर उनके पैरेंट्स की भी भीषण गर्मी में परीक्षा हो रही है।

परीक्षार्थियों की तलाशी और जांच के लिए उन्हें बाहर खड़ा किया गया था। हालांकि वहां पर टेंट लगाया गया है, ताकि अभ्यर्थियों को गर्मी से राहत मिल सके। लेकिन परीक्षा केंद्र के सामने के रास्ते को बंद कर पुलिस तैनात की गई है. ऐसे में अभ्यर्थियों के साथ आए पेरेंट्स परेशान होते दिखे। मध्य प्रदेश से आए दीपक कुमार मिश्रा का कहना है कि इतने बड़ा एग्जाम लिया जा रहा है और अलग-अलग राज्यों और शहरों से परीक्षा देने के लिए कैंडिडेट आए हैं। उनके लिए पानी और छाया का इंतजाम होना चाहिए था, लेकिन यह भी व्यवस्था नहीं है। कोटा इंडस्ट्रियल एरिया में डिजिटल डेस्क के नाम से अलग-अलग सेंटर थे। उनके सेंटर कोड भी अलग-अलग थे, लेकिन नाम एक होने से अभ्यर्थियों को काफी समस्या का सामना करना पड़ा।  अधिकांश अभ्यर्थी एक की जगह दूसरे सेंटर पर भी पहुंच गए।