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यहां अजान-आरती के बीच दरगाह में मनाई जाती है जन्माष्टमी

दरगाह में अजान के साथ-साथ आरती भी गूंजती है।

राजस्थान के झुंझुनू जिले के एक गांव की दरगाह में भगवान कृष्ण के जन्म पर आयोजित होने वाला जन्माष्टमी उत्सव सांस्कृतिक और धार्मिक समागम की अनोखी मिसाल है। दरगाह में अजान के साथ-साथ आरती भी गूंजती है।

नरहट गांव स्थित शरीफ हजरत हाजिब शकरबरात का घर भव्य जन्माष्टमी मेला के लिए चर्चित है। जन्माष्टमी के मौके पर यहां संगीतमय नाटक, कव्वाली और लघु नाटिका का आयोजन होता है, जहां दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के लोग मेला देखने आते हैं, क्योंकि दरगाह में इस तरह का आयोजन अनोखा है। सांप्रदायिक सद्भाव को मजबूती प्रदान करने वाली इस दरगाह में मेले के दौरान रोज हजारों लोग इकट्ठा होते हैं। 

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दरगाह के खादिम यूनुस पठान कहते हैं कि यहां सैकड़ों साल से जन्माष्टमी का उत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘हम सात पुश्तों से इस परंपरा को निभा रहे हैं। जाति और धर्म का फर्क किए बगैर यहां काफी उत्साह और उमंग के साथ लोग कृष्ण जन्मोत्सव मनाते हैं।’

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  • Web Title:Janamashtami 2018: here is Janamashtami celebrated in the Dargah with azaan and Aarti