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Hindi News राजस्थानOMG! जोधपुर में महिला ने चार बच्चों को दिया जन्म, 6 साल बाद गूंजी किलकारी

OMG! जोधपुर में महिला ने चार बच्चों को दिया जन्म, 6 साल बाद गूंजी किलकारी

राजस्थान के जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में सोमवार को एक 28 वर्षीय महिला ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया। सभी स्वस्थ हैं। इनमें दो बेटी और दो बेटा शामिल है। शादी के 6 साल बाद घर में गूंजी किलकारी।

OMG! जोधपुर में महिला ने चार बच्चों को दिया जन्म, 6 साल बाद गूंजी किलकारी
Prem Meenaलाइव हिंदुस्तान,जयपुरTue, 07 May 2024 06:39 AM
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राजस्थान के जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में सोमवार को एक 28 वर्षीय महिला ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया। सभी स्वस्थ हैं। इनमें दो बेटी और दो बेटा शामिल है। चारों बच्चों को फिलहाल डॉ. मनीष पारख की देखरेख में रखा गया है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. अफजल हकीम ने बताया कि जैसलमेर निवासी तुलछा कंवर पत्नी चंद्र सिंह को जैसलमेर के एक निजी जांच केंद्र ने बड़े अस्पताल में इलाज के लिए जाने को कहा था, क्योंकि गर्भवती होने के बाद से ही उनकी हालत ठीक नहीं थी। उसके बाद उन्हें उम्मेद अस्पताल लाया गया। यहां यूनिट 2 में डॉ. इंदिरा भाटी के निर्देशन में जांच की गई। सभी बच्चों का वजन डेढ़ से पौने दो किलो के बीच हैं और उन्हें डॉ. मनीष पारख के देखरेख में रखा गया है. डॉ. मनीष पारख ने बताया कि इन बच्चों का जन्म 34 सप्ताह में हुआ है, जबकि सामान्य बच्चों का जन्म 37 सप्ताह में होता है. इसकी वजन से बच्चों का वजन थोड़ा कम है. ऐसे में हमारे डॉक्टर्स की टीम लगातार बच्चों की मॉनिटरिंग कर रही है।

डॉ. हकीम ने बताया कि गायनी विभाग के डॉक्टर ने दंपती को समझाया कि चार बच्चे होने से उन्हें अतिरिक्त देखभाल की जरूरत है। इसके लिए उन्हें लगातार जांच व उचित परामर्श के लिए अस्पताल आना होगा। इस पर परिजनों ने बार-बार आने की बजाय गर्भवती महिला को भर्ती करने का निवेदन किया। इस पर डॉक्टर ने 1 फरवरी को तुलछा कंवर को भर्ती कर लिया। यहां डॉक्टर नियमित तौर पर मॉनिटरिंग कर रहे थे। इसी बीच सोमवार को महिला को प्रसव पीड़ा हुई, जिसके बाद उसकी मौजूदा हेल्थ कंडीशन को देखते हुए सर्जरी का निर्णय लिया गया।

 चिकित्सकों की ओर से बताया गया कि तुलछा इससे पहले दो बार गर्भवती हो चुकी थी. पहली बार अबॉर्शन हुआ था। इसके अलावा एक नवजात की पेट में ही मृत्यु हो गई थी। ऐसे में तीसरी बार गर्भवती होने पर उसकी तबीयत सही नहीं होने की सूरत में उसे 3 माह अस्पताल में रखा गया। साथ ही लगातार उसकी हेल्थ कंडीशन की मॉनिटरिंग की जाती रही, ताकि उसे कोई दिक्कत पेश न आए।