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हिंदी न्यूज़ राजस्थानकांग्रेस के 91 विधायकों के इस्तीफा देने का मामला, सुनवाई आज; जानें मामला

कांग्रेस के 91 विधायकों के इस्तीफा देने का मामला, सुनवाई आज; जानें मामला

राजस्थान के 91 विधायकों के इस्तीफा देने के मामले की आज राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। बीजेपपी नेता राजेंद्र राठौड़ ने कोर्ट में यह याचिका दायर की थी। इस्तीफा देने वाले गहलोत समर्थक माने जाते हैं।

कांग्रेस के 91 विधायकों के इस्तीफा देने का मामला, सुनवाई आज; जानें मामला
Prem Meenaलाइव हिंदुस्तान,जयपुरTue, 06 Dec 2022 08:51 AM

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राजस्थान के 91 विधायकों के इस्तीफा देने के मामले की आज राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ ने कोर्ट में यह याचिका दायर की थी। इस याचिका में  इस बात को आधार बनाया गया है कि विधानसभा अध्यक्ष डा. सी.पी.जोशी ने विधायकों के इस्तीफों पर 2 माह बाद तक कोई निर्णय नहीं लिया है। अब हाईकोर्ट को देखना होगा कि अनुच्छेद 212 का तो अतिक्रमण दायर की गई इस जनहित याचिका में तो नहीं हो रहा है।

25 सितंबर को इस्तीफा दे दिया था

बता दें,  राजस्थान में 25 सितंबर 2022 को सीएम गहलोत समर्थित 91 विधायकों ने अपनी अपनी सीटों से स्वैच्छिक त्याग पत्र देने का निर्णय लेते हुए इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष को व्यक्तिगत रूप से सौंपा था, लेकिन दो महीने पश्चात् भी त्यागपत्रों को स्वीकार नही किया गया है। किसी भी विधानसभा सीट से स्वेच्छा से इस्तीफ़ा दिया जाना विधायकों का अधिकार होता है। 91 विधायकों से जबरन हस्ताक्षर कराए जाने या उनके त्याग पत्र पर किसी अपराधी द्वारा हस्ताक्षर कूट रचित कर दिए जाने की कोई सूचना अध्यक्ष के पास नहीं थी, ऐसे में लिखित में अपने हस्ताक्षरों से व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हो कर अध्यक्ष को इस्तीफा पेश किए जाने पर उसे अविलम्ब स्वीकार करना अध्यक्ष के लिए विधानसभा प्रक्रिया नियम 173  के अंतर्गत बाध्यकारी है। 

बीजेपी नेता की याचिका के विरोध में याचिका

दूसरी तरफ सोमवार को अधिवक्ता पूनम भंडारी की ओर से डाक्टर टी एन शर्मा व इंद्रजीत खथूरिया एडवोकेट ने जनहित याचिका में पक्षकार बनने के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है और कहा कि राजेंद्र सिंह राठौड़ द्वारा प्रस्तुत जनहित याचिका चलने योग्य नहीं है। क्योंकि इसमें जनता का कोई हित नहीं है बल्कि याचिकाकर्ता एवं उसकी पार्टी का हित है। वह विधायक है और यह चाहते हैं कि 91 विधायकों का इस्तीफा स्वीकार हो जाए तो उनकी सरकार बन जाएगी। जनहित याचिका सिर्फ जनता के हित के लिए या पब्लिक रॉन्ग या पब्लिक इन्जूरी के खिलाफ जनहित याचिका प्रस्तुत की सकती है, जिसमें याचिकाकर्ता का हित नहीं होना चाहिए लेकिन राजेंद्र सिंह राठौड़ ने याचिका पब्लिसिटी के लिए और सत्ता में आने के लिए लगाई है इसलिए उन्हें पक्षकार बनाया जाए और इस याचिका पर कोई आदेश करने से पूर्व उन्हें सुना जाए और याचिका को खारिज किया जाए।