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हिंदी न्यूज़ राजस्थानवसुंधरा राजे से पंगा लेना BJP को पड़ेगा भारी, गहलोत के मंत्री खाचरियावास ने बताई वजह

वसुंधरा राजे से पंगा लेना BJP को पड़ेगा भारी, गहलोत के मंत्री खाचरियावास ने बताई वजह

राजस्थान में बीजेपी गहलोत सरकार के 4 साल के शासन के खिलाफ जनाक्रोश रैली शुरू करने जा रही है। लेकिन वसुंधरा कैंप की अनदेखी से सियासी पारा  गर्माया हुआ है। वसुंधरा ने दूरी बना ली है।

वसुंधरा राजे से पंगा लेना BJP को पड़ेगा भारी, गहलोत के मंत्री खाचरियावास ने बताई वजह
Prem Meenaलाइव हिंदुस्तान,जयपुरMon, 28 Nov 2022 08:35 AM

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राजस्थान में बीजेपी गहलोत सरकार के 4 साल के शासन के खिलाफ जनाक्रोश रैली शुरू करने जा रही है। लेकिन वसुंधरा कैंप की अनदेखी से सियासी पारा  गर्माया हुआ है। वसुंधरा कैंप के नेता जनाक्रोश यात्रा से दूरी बनाए हुए है। राजस्थान बीजेपी में खींचतान को कांग्रेस ने हवा देना शुरू कर दिया है। मंत्री प्रताप सिंह खाचरियास ने का कहना है बुआ जी (वसुंधरा राजे) की अनदेखी का खामियाजा बीजेपी को उठान पड़ेगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि पूर्व सीएम वसुंधरा राजे से पंगा लेना बीजेपी नेताओं को भारी पड़ेगा। खारियावास ने कहा कि राजस्थान में कोई हाथापाई तो हो नहीं रही। बयानबाजी तो पूरे देश में चलती है। इनकी बुआ जी है (वसुंधरा राजे) उनके खिलाफ बीजेपी के सारे नेता एकत्रित हो रहे है, लेकिन वसुंधरा राजे से ये जो पंगा ले रहे हैं,  वो पंगा इनको महंगा पड़ेगा।

वसुंधरा को सीएम फेस घोषित करने की मांग

बता दें राजस्थान बीजेपी में कलह कई बार खुलकर सामने आ चुकी है। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे जनाक्रोश रैली से दूरी बनाए हुए है। वसुंधरा कैंप के माने जाने वाले नेता भी बीजेपी के मीटिंग से दूरी बनाए हुए है। वसुंधरा कैंप के नेता इस बात से नाराज बताए जार रहे हैं सीएम फेस का चेहरा वसुंधरा राजे को घोषित नहीं किया जा रहा है। जबकि वसुंधरा राजे राजस्थान बीजेपी में भीड़ खींचने वाली सबसे बड़ी नेता माना जाती है। बीजेपी की कमान सतीश पूनिया को सौंपने से भी वसुंधरा कैंप के नेता नाराज बताए जाते हैं। सतीश पूनिया ने कई अहम मौकों पर वसुंधरा राजे को नजरअंदाज किया है। इससे भी वसुंधरा समर्थक नाराज है। वसुंधरा राजे ने देवदर्शन यात्रा का निकाली थीं, तब बीजेपी संगठन ने दूरी बना ली थी। साफ जाहिर है कि राजस्थान बीजेपी में दो गुट  आमने-सामने है।

वसुंधरा कैंप को मनाना आलाकमान के लिए चुनौती 

राजस्थान में विधानसभा चुनाव 2023 में होने वाले है। ऐसे में राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि वसुंधरा राजे और सीएम गहलोत राजस्थान की राजनीति में स्वीकार्य चेहरे हैं। दोनों ही दल अगर अनदेखी करते हैं तो निश्चित तौर पर सियासी नुकसान उठाना पड़ सकता है। वसुंधरा राजे 36 कौम की नेता मानी जाती है। सभी वर्गों में वसुंधरा राजे की पकड़ है।  पार्टी आलाकमान ने पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की नाराजगी दूर नहीं की तो पार्टी को विधानसभा चुनाव में नुकसान उठाना पड़ सकता है।