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राजस्थान में रिवाज बदल रहा है तो विनिंग फैक्टर गहलोत या सचिन पायलट? एग्जिट पोल के 5 बड़े मैसेज

राजस्थान में करीब 6 एग्जिट पोल ने राजस्थान में बीजेपी को बढ़त दिखाई है। लेकिन दो एग्जिट पोल ने कांग्रेस की वापसी के संकेत दिए है। यदि राजस्थान में रिवाज बदल रहा है तो इसके पीछे गहलोत विनिंग फैक्टर है।

राजस्थान में रिवाज बदल रहा है तो विनिंग फैक्टर गहलोत या सचिन पायलट? एग्जिट पोल के 5 बड़े मैसेज
Prem Meenaलाइव हिंदुस्तान,जयपुरFri, 01 Dec 2023 06:23 AM
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राजस्थान में करीब 6 एग्जिट पोल ने राजस्थान में बीजेपी को बढ़त दिखाई है। लेकिन दो एग्जिट पोल ने कांग्रेस की वापसी के संकेत दिए है। यदि राजस्थान में रिवाज बदल रहा है तो इसके पीछे अशोक गहलोत बड़ी वजह है या फिर सचिन पायलट?। राजस्थान में 1993 के बाद से रिवाज नहीं बदला है। यानी हर पांच साल बाद सरकार बदलने का ट्रेंड रहा है। लेकिन इस बार चौंकाने वाले परिणाम आ सकते है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कांग्रेस वापसी करती है तो विनिंग फैक्टर अशोक गहलोत ही माने जांएंगे। गहलोत सरकार की सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं के दम पर ही कांग्रेस वापसी करती नजर आ रही है। पुरानी पेंशन बहाली, फ्री में इलाज और पेंशन में बढ़ोतरी का फायदा कांग्रेस को मिल सकता है। सीएम गहलोत पीएम मोदी से कई बार सामाजिक सुरक्षा के लिए देशभर में कानून बनाने की मांग कर चुके हैं। 

सचिन पायलट का चल गया जादू?

राजनीति विश्लेषकों का कहना है दो एग्जिट पोल यदि हकीकत में बदल जाते हैं तो यह राजस्थान के राजनीतिक इतिहास में दूसरा मौका होगा। इससे पहले 1993 में भैरोसिंह शेखावत ने रिवाज बदलते हुए लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इस बार सीएम गहलोत ले सकते है। सियासी जानकारों का कहना है कि चुनाव से पहले गहलोत औऱ सचिन पायलट के बीच जो सुलह हुई है। उसका फायदा कांग्रेस को मिलने की संभावना है। एग्जिट पोल में अहीरवाल और शेखावाटी में कांग्रेस को बढ़त दिखाई है। मतलब साफ है पूर्वी राजस्थान में सचिन पायलट का जादू चला है। दौसा, अलवर, भरतपुर, करौली, सवाई माधोपुर और टोंक में पायलट की बातों का असर हुआ है।  गुर्जरों के अलावा, एससी, एसटी और अल्पसंख्यक वोटरों ने कांग्रेस को पसंद किया है। एग्जिट पोल की माने तो शेखावाटी में कांग्रेस को बढ़त मिली है। जाटलैंड में कांग्रेस को बढ़त मिलना बड़े सियासी संकेत है। चूरू, सीकर और झुंझुनूं में कांग्रेस को आगे बताया गया है। 

विधायकों से नाराज थे लोग 

सियासी जानकारों का कहना है कि भारत जोड़ो यात्रा का लाभ पूर्वी राजस्थान में कांग्रेस को मिलता हुआ दिखाई दे रहा है। यहीं वजह है कि चुनाव से पहले बीजेपी को बंपर जीत दिला रहे इंडिया टीवी ने मतदान के बाद कांग्रेस जीतने का दावा किया है। इंडिया टीवी के एग्जिट पोल के अनुसार कांग्रेस राजस्थन में सरकार बनाने जा रही है। सियासी जानकारों का कहना है कि राजस्थान में हर पांच साल बाद सत्ता बदलने का ट्रेंड रहा है। लेकिन इस बार अधिकांश एग्जिट पोल खुद कंफूजन है। फिलहाल 3 दिसंबर को ही तस्वीर साफ हो पाएगी। लेकिन इतना साफ है कि इस बार लोग गहलोत सरकार से नाराज नहीं थे। कांग्रेस के विधायकों और मंत्रियों के प्रति नाराजगी दी। कांग्रेस आलाकमान  ने 40 से ज्यादा विधायकों के टिकट काट दिए थे। 

वसुंधरा राजे को सीएम फेस घोषित नहीं करने से नुकसान 

सियासी जानाकारों का कहना है कि वसुंधरा राजे को सीएम फेस घोषित नहीं करना बीजेपी के लिए आत्मघाती निर्णय हो सकता है। इस बार पीएम मोदी के चेहरे पर चुनाव ल़ड़ा गया था। जबकि पिछले दो चुनाव वसुंधरा राजे के चेहरे पर ही लड़े गए थे। बीजेपी को शानदार जीत मिली थी। सियासी जानकारों का कहना है कि बीजेपी यदि वसुंधरा राजे को सीएम फेस घोषित करती परिणा चौंकाने वाले हो सकते थे। लेकिन इस बार चुनाव से पहले बीजेपी बंटी हुई दिखाई दी। वसुंधरा राजे के समर्थकों के टिकट काट दिए गए। हालांकि, इसके बावजूद बड़ी संख्या में वसुंधरा राजे टिकट दिलाने में कामयाब रही थीं। 

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