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ERCP: भजनलाल का पगफेरा अच्छा, शेखावत के निशाने पर कौन? गहलोत या वसुंधरा राजे

राहुल गांधी की न्याय यात्रा के राजस्थान में प्रवेश से पहले  केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शनिवार को ईआरसीपी आभार यात्रा पर निकले। इशारों में अशोक गहलोत के जमकर निशाने पर लिया।

ERCP: भजनलाल का पगफेरा अच्छा, शेखावत के निशाने पर कौन? गहलोत या वसुंधरा राजे
Prem Meenaलाइव हिंदुस्तान,जयपुरSat, 24 Feb 2024 07:14 PM
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राहुल गांधी की न्याय यात्रा के राजस्थान में प्रवेश से पहले  केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शनिवार को पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) आभार यात्रा पर निकले।  शेखावत ने इस दौरा अशोक गहलोत को जमकर निशाने पर लिया। वहीं सीएम भजनलाल को प्रदेश के लिए शुभ बताते हुए इशारों में ही धुर विरोधी वसुंधरा राजे पर भी निशाने पर ले लिया। हालांकि, शेखावत ने वसुंधरा राजे कैंप के किसी नेता का नाम नहीं लिया। लेकिन कहा - राजस्थान के लिए भजनलाल शर्मा का पगफेरा अच्छा है। अलवर, भरतपुर और धौलपुर जिलों में आयोजित सभाओं में शेखावत ने जनता का आभार प्रकट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने सिखाया है कि जिस काम की परिकल्पना और शिलान्यास करो, उसका उद्घाटन भी करो। 5 साल में ईआरसीपी को पूरा कर आपके घरों तक पानी पहुंचाने के लिए हम काम करेंगे।

पूर्वी राजस्थान के लिए यह संशोधित पीकेसी-ईआरसीपी परियोजना जीवनदायनी गंगा के रूप में काम करेगी। शेखावत ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले मैं आपके बीच में आया था। मैं चाहता था कि जो झूठ का पहाड़ पिछली गहलोत सरकार ने 5 साल में खड़ा किया था, उसे बेनकाब किया जाए। अशोक गहलोत 13 जिलों के 83 विधानसभा क्षेत्रों के साढ़े तीन करोड़ लोगों के प्यासे कंठों पर राजनीति कर रहे थे।

गहलोत के लिए पहले राजनीति थी 

शेखावत ने कहा कि अशोक गहलोत के लिए राजनीति पहले थी। लोगों की प्यास बुझाना उनकी प्राथमिकता नहीं थी। उन्होंने इस दिशा में किसी तरह का प्रयास नहीं किया। हमने दिल्ली में अनेक बार बैठकें आयोजित कीं। उनमें राजस्थान के अधिकारी स्वीकार करते थे कि तकनीकी खामी को यदि दूर कर दिया जाए तो निश्चित रूप से परियोजना सिरे चढ़ सकती है, लेकिन अशोक गहलोत का उद्देश्य लोगों को राहत पहुंचाना नहीं था। उनका उद्देश्य इसको एक राजनीतिक हथियार के रूप में उपयोग करना था। वो या उनके मंत्री कभी किसी भी बैठक में उपस्थित नहीं हुए। तब मैंने संकल्प किया था कि राजस्थान से कांग्रेस के कुराज को उखाड़ फेंकने के बाद एक महीने के भीतर पूर्वी राजस्थान को ईआईसीपी की सौगात देने के लिए काम करूंगा। 

बोले- सीएम का पगफेरा अच्छा

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि राजस्थान में कहते हैं कि शादी के बाद दुल्हन का पगफेरा अच्छा हो तो परिवार में खुशियां रहती हैं। ऐसे ही राजस्थान के लिए भजनलाल शर्मा का पगफेरा अच्छा है। जिस ईआरसीपी को कांग्रेस ने लटकाकर रखा गया, भजनलाल जी के आते ही उसे लेकर राजस्थान और मध्य प्रदेश सरकार बीच एमओयू हो गया और हरी झंडी मिल गई। शेखावत ने कहा कि सिंचाई और पेयजल के लिए ईआरसीपी देश दूसरा बड़ा प्रोजेक्ट सिद्ध हुआ है। पहली योजना उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में केन और बेतवा पर तैयार हो रही योजना है। दोनों के हिस्से में आने वाले बुंदेलखंड में राजस्थान की तरह ही पानी की भीषण कमी है। उन्होंने कहा कि मैं झांसी में शिलान्यास कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के साथ गया था। वहां के सांसद ने कहा था कि वहां महिलाओं में एक कहावत है, कसम मर जाईया पर गगरी न फूटे, मतलब पति मर जाए, तब भी पानी का घड़ा नहीं फूटना चाहिए। वहां पानी सुहाग से ज्यादा कीमती है।

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