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हिंदी न्यूज़ राजस्थानगहलोत दो डिप्टी सीएम बनाने का खेल सकते हैं दांव, पायलट को फ्री हैंड नहीं; 2003 में ऐसा ही दांव खेला था

गहलोत दो डिप्टी सीएम बनाने का खेल सकते हैं दांव, पायलट को फ्री हैंड नहीं; 2003 में ऐसा ही दांव खेला था

राजस्थान में सचिन पायलट मुख्यमंत्री बनते हैं तो कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर सीएम अशोक गहलोत पायलट को मनमानी नहीं करने देंगे। गहलोत दो डिप्टी सीएम बनाने का दांव खेल सकते हैं।

गहलोत दो डिप्टी सीएम बनाने का खेल सकते हैं दांव, पायलट को फ्री हैंड नहीं; 2003 में ऐसा ही दांव खेला था
Prem Meenaलाइव हिंदुस्तान,जयपुरFri, 23 Sep 2022 01:03 PM

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राजस्थान में सचिन पायलट मुख्यमंत्री बनते हैं तो कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर सीएम अशोक गहलोत पायलट को मनमानी नहीं करने देंगे। कांग्रेस आलाकमान फ्री हैंड नहीं देगा। सचिन पायलट की मनमानी पर अंकुश के लिए अशोक गहलोत दो उपमुख्यमंत्री बनाने का दांव खेल सकते हैं। गहलोत अतीत में ऐसा ही दांव खेल चुके हैं। सीएम गहलोत ने 25 जनवरी 2003 को ऐसा ही दांव खेला था। कमला बेनीवाल और बनवारी लाल बैरवा को उपमुख्यमंत्री बनाया था। चर्चा है कि गहलोत अपने दो वफादार मंत्रियों को उपमुख्यमंत्री बनाने का इस बार भी दांव खेल सकते हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस नए पैकेज में अशोक गहलोत की ही चलती है तो की सचिन पायलट कैंप की चालें पिट जाएंगी। राजस्थान में डिप्टी सीएम बनाने की परंपरा की शुरुआत बीजेपी ने की थी। भैरोसिंह शेखावत ने हरिशंकर भाभड़ा को पहली बार डिप्टी सीएम बनाया था। इसके बाद सीएम अशोक गहलोत ने 2003 में दो डिप्टी सीएम बनाए। 2018 में सीएम गहलोत ने सचिन पायलट को डिप्टी सीएम बनाया था। फिलहाल सीएम रेस में सचिन पायलट का नाम सबसे आगे है। कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव होने के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी। 

एससी-एसटी पर खेल सकते हैं दांव

गहलोत को यूं ही जादूगर नहीं कहा जाता है। गहलोत बाएं हाथ से करते है। उसका दांए हाथ को पता नहीं चल पाता है। सीएम गहलोत पायलट की काट के लिए एससी-एसटी वर्ग पर भी दांव खेल सकते हैं। गहलोत 2003 का इतिहास एक फिर दोहरा सकते हैं।  पायलट को फ्री हैंड न मिले इसके लिए दो उपमुख्यमंत्री राजस्थान में बनाए जा सकते हैं। पूर्वी राजस्थान में एससी-एसटी वोट बैंक को साधने के लिए सीएम गहलोत अपने वफादार PWD मंत्री भजनलाल जाटव और स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीना में से किसी एक को डिप्टी सीएम बनाने का दांव खेल सकते हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 के चुनाव में पूर्वी राजस्थान को 39 सीट मिली थी। जबकि बीजेपी को शोभारानी कुशवाह के रूप में धौलपुर से एक सीट मिली थी। दूसरे डिप्टी सीएम की रेस में बीडी कल्ला और शांति धारीवाल में से किसी का नाम आगे कर सकेत हैं। 

पायलट की बगावत नहीं भूल पाए गहलोत

राहुल गांधी के उदयपुर में लिए संकल्प को दोहराने के बाद अब तय हो गया है कि सीएम अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ेगा। अब यक्ष प्रश्नन यही है कि राजस्थान का मुख्मयंत्री बनेगा कौन। समीकरण सचिन पायलट के पक्ष में है, लेकिन राजनीति में कब क्या हो जाए कहा नहीं जा सकता है। गहलोत सचिन पायलट की बगावत को भूल नहीं पाए है। सीएम गहलोत बार-बार कहते रहे हैं उनकी सरकार को गिराने के लिए सचिन पायलट ने सभी दांव खेले लेकिन हमने फेल कर दिए। 


 

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