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किरोड़ी सिंह बैंसला से प्रेरणा लेनी चाहिए, बोले सीएम भजनलाल शर्मा 

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि स्व. कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने अपना पूरा जीवन देश एवं समाज की सेवा में समर्पित किया। उनके जीवन से युवाओं को देश-सेवा का प्रण लेना चाहिए।

किरोड़ी सिंह बैंसला से प्रेरणा लेनी चाहिए, बोले सीएम भजनलाल शर्मा 
bhajan lal
Prem Meenaलाइव हिंदुस्तान,जयपुरThu, 13 Jun 2024 05:51 PM
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राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि स्व. कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने अपना पूरा जीवन देश एवं समाज की सेवा में समर्पित किया। उनके जीवन से युवाओं को राष्ट्र को प्रथम मानकर देश-सेवा और सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरणा लेनी चाहिए। शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार समृद्ध एवं खुशहाल किसान की परिकल्पना को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मूंडिया प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में क्रमोन्नत करने की घोषणा की। साथ ही, उन्होंने कहा कि स्व. कर्नल बैंसला के स्मरण में स्थानीय क्षेत्र की आवश्यकता को देखते हुए उनके नाम से शैक्षणिक संस्थान खोलने पर राज्य सरकार विचार करेगी। शर्मा गुरूवार को टोड़ाभीम के मूंडिया में स्व. कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम एवं विशाल किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। 

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मूंडिया गांव स्थित प्रेरणास्थल पर स्वर्गीय कर्नल बैंसला की प्रतिमा का अनावरण किया तथा पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। समारोह के दौरान गृह राज्यमंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म, देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाना, विधायक दर्शन सिंह गुर्जर, पूर्व सांसद रंजीता कोली, विजय बैंसला सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।उन्होंने कहा कि सामान्य परिवार में जन्मे श्री बैंसला ने अपनी लगन एवं मेहनत से एक ऊंचा मुकाम हासिल किया। शिक्षक की नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने करीब तीन दशक तक भारतीय सेना में रहते हुए चीन एवं पाकिस्तान के खिलाफ युद्धों में भी भाग लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिब्राल्टर की चट्टान स्व. श्री बैंसला ने सेना से सेवानिवृत्ति के बाद समाज में असमानता, अशिक्षा और पिछड़ेपन के खिलाफ लोगों को जागरूक किया। उन्होंने बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने, बाल विवाह, शादियों में फिजूलखर्ची और दहेज-प्रथा जैसी कुरीतियों को खत्म करने में अहम योगदान दिया। 

किसानों को मिल रहा आर्थिक संबल

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को सशक्त बनाने के लिए संकल्पित है। केन्द्र एवं राज्य सरकार विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं एवं नीतिगत निर्णयों के माध्यम से किसानों को आर्थिक संबल प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अपने तीसरे कार्यकाल में पदभार ग्रहण करते ही सबसे पहले किसान सम्मान निधि की 17वीं किश्त जारी करने का काम किया है। राज्य सरकार द्वारा इस योजना के तहत प्रथम चरण में राशि 6 हजार रुपये से बढ़ाकर 8 हजार रुपये की गई है।

पूर्ववर्ती सरकार ने प्रदेशवासियों को रखा वंचित

श्री शर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल के संकल्प से प्रदेशवासियों को वंचित रखा। राज्य में यह योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने केवल लुभावने वादे किए थे, गरीब से उनका कोई सरोकार नहीं था। गांवों में सड़क-पानी जैसी मूलभूत आवश्यकताओं को भी पूरा नहीं किया गया। लेकिन अब हमारी सरकार प्रदेशवासियों से किए प्रत्येक वादे को पूरा करेगी। किसानों के हित में लिए गए निर्णयों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने 40 हजार से अधिक कृषि कनेक्शन तथा 50 हजार से अधिक किसानों के खेतों में सोलर पंप स्थापित करने की स्वीकृति जारी की है। गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना में 5 लाख गोपालकों को 1 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है। साथ ही, 248 मोबाइल वेटेनरी इकाइयों के माध्यम से पशुओं को त्वरित चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

ईआरसीपी से दूर होगी किसानों की पेयजल-सिंचाई की समस्या

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वी राजस्थान में किसानों की पेयजल एवं सिंचाई की समस्या को दूर करने के लिए हमारी सरकार ने काफी अरसे से लंबित ईआरसीपी परियोजना को मंजूरी देकर धरातल पर उतारने का काम शुरू कर दिया है। किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गेहूं के एमएसपी पर 125 रुपये बोनस प्रदान कर 2,400 रुपये करना, किसानों को बिजली बिलों में 8 हजार करोड़ रुपये का अनुदान देना, फसली ऋण वितरण योजनान्तर्गत 10 हजार करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त फसली ऋण उपलब्ध करवाने, 41 हजार 137 नवीन कृषकों को ऋण उपलब्ध करवाने जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।