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राजस्थान में बेनीवाल और चंद्रशेखर ने मिलाया हाथ, RLP और ASP में गठबंधन का ऐलान

RLP and ASP alliance in Rajasthan: हनुमान बेनीवाल ने चंद्रशेखर आजाद के साथ मिलकर राजस्थान में गठबंधन के तहत चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। बेनीवाल की RLP और चंद्रशेखर की ASP में गठबंधन हो गया है।

राजस्थान में बेनीवाल और चंद्रशेखर ने मिलाया हाथ, RLP और ASP में गठबंधन का ऐलान
Krishna Singhलाइव हिंदुस्तान,जयपुरThu, 26 Oct 2023 11:57 PM
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Rajasthan Vidhan Sabha Election 2023: राजस्थान के चुनावी रण में लड़ाई ने नया मोड़ ले लिया है। राजस्थान चुनाव में हनुमान बेनीवाल और चंद्रशेखर आजाद ने गुरुवार को एकजुट होकर सूबे में विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) और चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी (काशीराम) के बीच गठबंधन का ऐलान कर दिया गया। अब दोनों ही पार्टियां कंधे से कंधा मिलाकर चुनाव मैदान में उतरेंगी। कौन किनती सीटों पर लड़ेगा? कौन सी पार्टी कहां से उम्मीदवार उतारेगी इस पर जल्द सहमति बन जाएगी। 

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, नागौर से सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार रात को चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व वाली आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के साथ गठबंधन की घोषणा की। यह घोषणा बेनीवाल के आवास पर आयोजित संयुक्त संवाददाता सम्मेलन के दौरान की गई। आरएलपी नेता ने साथ मिलकर काम करने और चुनावी सफलता हासिल करने के लिए गठबंधन की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

हनुमान बेनीवाल ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों दल एकजुट होंगे और एक परिवार की तरह चुनाव लड़ेंगे। आरएलपी-आजाद समाज पार्टी गठबंधन उन मतदाताओं को आकर्षित करेगा जो विपक्षी भाजपा और सत्तारूढ़ कांग्रेस के विरोधी हैं। उम्मीदवारों की पहली सूची जल्द ही जारी की जाएगी। इस संयुक्त प्रयास का कई निर्वाचन क्षेत्रों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। आरएलपी के पास फिलहाल तीन विधायक और एक सांसद है। 

गठबंधन के ऐलान के मौके पर चंद्रशेखर आजाद ने संवाददाताओं से कहा- हनुमान बेनीवाल खुद एक मजबूत नेता हैं। उन्होंने हर बार यह बात साबित की है। वह लड़ते वक्त जाति धर्म नहीं देखते हैं। इससे मैं उनकी बहुत प्रसंशा करता हूं। हमारे साथियों का भी सुझाव था कि जो लड़ाई अब तक अलग-अलग लड़ी जा रही थी वह एकजुट होकर लड़ी जाए ताकि वोट में बंटवारा नहीं हो। अब दोनों दलों का वोट एकजुट होकर इस अलायंस को मिलेगा। इस बार यह अलायंस ही तय करेगा कि राजस्थान में सीएम कौन होगा। आरएलपी के साथ सीट बंटवारे पर कोई विवाद नहीं है।

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