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टिकट कटने का डर, दिल्ली 'दरबार' के चक्कर लगा रहे राजस्थान MP; नए चेहरों को मिल सकता है मौका

लोकसभा चुनाव में अब कम ही समय बचा है। ऐसे में पार्टी का टिकट लेने के लिए बीजेपी नेता जयपुर से दिल्ली के चकक्र लगा रहे हैं। माना जा रहा है कि 6-8 सीटों पर नए उम्मीदवारों को मौका दे सकती है।

टिकट कटने का डर, दिल्ली 'दरबार' के चक्कर लगा रहे राजस्थान MP; नए चेहरों को मिल सकता है मौका
Sneha Baluniलाइव हिन्दुस्तान,जयपुरThu, 22 Feb 2024 01:55 PM
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लोकसभा चुनाव में अब बहुत कम समय बचा है। ऐसे में पार्टी के साथ-साथ उम्मीदवारों ने भी आम चुनाव को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी बीच राजस्थान के कुछ वरिष्ठ बीजेपी नेता सक्रियता से दिल्ली दरबार के चक्कर लगा रहे हैं। इसकी वजह दोबारा पार्टी से टिकट मांगना है। ये नेता नामांकन को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से आश्वासन हासिल करने के लिए जयपुर और दिल्ली की यात्रा कर रहे हैं। दरअसल, राज्य इकाई ने सांसदों की परफॉर्मेंस का मूल्यांकन करते हुए और लगभग 6-8 सीट पर चेहरा बदलने की सिफारिश करते हुए एक रिपोर्ट दिल्ली भेजी है।

संभावित बदलावों के बीच, पार्टी नेता राजसमंद सीट पर राजेंद्र राठौड़ के नाम पर विचार कर रहे हैं, जो सांसद दीया कुमारी के डिप्टी सीएम बनने के बाद खाली हुई है। भगवा पार्टी ने राजस्थान में लगातार तीसरी बार लोकसभा की सभी 25 सीटें जीतकर हैट्रिक बनाने का लक्ष्य रखा है। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव भी राज्य से लोकसभा चुनाव लड़ने वाले संभावित उम्मीदवारों की लिस्ट में शामिल हैं।

पार्टी के प्रमुख चेहरों में से एक राठौड़ को तारानगर सीट पर हार का सामना करना पड़ा था। अब उन्हें राजसमंद से मैदान में उतारा जा सकता है। टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी के एक सूत्र ने कहा, 'ऐसी अटकलें हैं कि वह चुरू और जयपुर ग्रामीण से चुनाव लड़ सकते हैं।' पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया की टीम अजमेर, झुंझुनूं, भीलवाड़ा और जयपुर ग्रामीण में से सबसे उपयुक्त सीट तलाश रही है।

जयपुर में गुरुवार को पार्टी के कोर कमेटी की बैठक होनी है। ऐसे में कई संभावित उम्मीदवार वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के अवसर की तलाश में जयपुर में डेरा डाले हुए हैं। जिन वरिष्ठ विधायकों को कैबिनेट में जगह नहीं मिली, वे मोदी सरकार में अपनी पदोन्नति की उम्मीद में लोकसभा चुनाव लड़ने पर नजर गड़ाए हुए हैं। तिजारा से विधायक बालकनाथ ने कथित तौर पर अलवर से चुनाव लड़ने की अपनी इच्छा की जानकारी पार्टी नेताओं को दे दी है।

पार्टी के एक सूत्र ने कहा, 'बालकनाथ के करीबी सहयोगी और समर्थक उन्हें कैबिनेट में शामिल नहीं किए जाने से निराश हैं। उन्होंने पार्टी नेताओं के सामने दावा किया है कि उन्हें राज्य मंत्रिमंडल से बाहर करने से उनकी पोजिशन खराब हुई है।' एक राज्यसभा सांसद सहित अपने सात मौजूदा सांसदों को विधानसभा चुनाव के मैदान में उतारने के पार्टी के फैसले ने उसे चार सीटों पर जीत दिलाई। वहीं तीन पर हार का मुंह देखना पड़ा। इन छह सीटों-जयपुर ग्रामीण, राजसमंद, झुंझुनू, अजमेर, जालौर और अलवर के पार्टी नेताओं ने जयपुर और दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं के सामने अपनी उम्मीदवारी पेश की है। इन सीटों पर मौजूदा विधायक, जिला अध्यक्ष और दिग्गज समेत कई संभावित नेता दावा कर रहे हैं

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