राजस्थान में सहकारी बैंकों से कृषि एवं अकृषि ऋण लेने वाले किसानों को बड़ी राहत, जानें क्या है एकमुश्त समझौता योजना

गहलोत सरकार ने कोरोना संक्रमण के चलते किसान वर्ग को राहत देने के लिए एकमुश्त समझौता योजना ला रही है। योजना के तहत केन्द्रीय सहकारी बैंकों एवं प्राथमिक भूमि विकास बैंकों के माध्यम से कृषि एवं अकृषि ऋण...

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लाइव हिंदुस्तान , जयपुर Prem Meena
Last Modified: Fri, 21 Jan 2022 6:32 PM

गहलोत सरकार ने कोरोना संक्रमण के चलते किसान वर्ग को राहत देने के लिए एकमुश्त समझौता योजना ला रही है। योजना के तहत केन्द्रीय सहकारी बैंकों एवं प्राथमिक भूमि विकास बैंकों के माध्यम से कृषि एवं अकृषि ऋण लेने वाले काश्तकारों को लाभ मिलेगा। जिससे ऋण चुकारे में किसान को आसानी हो सके। सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने बताया कि एकमुश्त समझौता योजना के माध्यम से किसानों के ऋणों पर ब्याज दर को कम करने के साथ ही अवधिपार एवं दण्डनीय ब्याज को भी कम किया जाएगा। ऐसे अवधिपार ऋणी किसानों को भी राहत दी जाएगी, जिनकी मृत्यु हो चुकी है। ऐसे किसान परिवार को किसान की मृत्यु तिथि से सम्पूर्ण बकाया ब्याज, दण्डनीय ब्याज एवं वसूली खर्च को पूर्णतया माफ किया जाएगा।

दंडनीय ब्याज एवं वसूली खर्च को पूर्णतया माफ किया जाएगा

सहकारिता मंत्री आंजना के अनुसार एकमुश्त समझौता योजना के माध्यम से किसानों के ऋणों पर ब्याज दर को कम करने के साथ ही अवधिपार एवं दण्डनीय ब्याज को भी कम किया जाएगा। ऐसे अवधिपार ऋणी किसानों को भी राहत दी जाएगी, जिनकी मृत्यु हो चुकी है। ऐसे किसान परिवार को किसान की मृत्यु तिथि से सम्पूर्ण बकाया ब्याज, दण्डनीय ब्याज एवं वसूली खर्च को पूर्णतया माफ किया जाएगा। प्रमुख शासन सचिव सहकारिता एवं कृषि दिनेश कुमार ने शुक्रवार को शासन सचिवालय में इस सम्बन्ध में समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण आर्थिक समस्या का सामना कर रहे किसानों को ऋण चुकाने में परेशानी हो रही है। ऐसे में अपेक्स बैंक एवं एसएलडीबी किसानों के हित में एकमुश्त समझौता योजना तैयार कर प्रस्तुत करें।

योजना बनाते समय विशेष प्लान के निर्देश 

दिनेश कुमार ने निर्देश दिए कि एकमुश्त समझौता योजना बनाते समय किसानों की संख्या, उनकी ऋण राशि एवं योजना को प्रमुखता से लागू करने के लिए विशेष प्लान भी तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि योजना की क्रियान्विति को इस तरह से किया जाए की पात्र किसानों को उसका लाभ आवश्यक रूप से मिले। रजिस्ट्रार सहकारिता मुक्तानंद अग्रवाल ने बताया कि विभाग द्वारा एकमुश्त समझौता योजना हेतु शीघ्र ही कार्ययोजना बनाकर प्रस्तुत की जाएगी। उन्होंने कहा कि योजना की प्रभावी क्रियान्विति के लिए अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश देने के साथ ही निरंतर मॉनिटरिंग की जाएगी। बैठक में सहकारिता विभाग एवं बैंकिंग से जुड़े अधिकारी उपस्थित थे।

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