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भंवरी देवी हत्याकांड: बच्चों को मिलेगी पेंशन; राजस्थान हाईकोर्ट का आदेश

राजस्थान हाईकोर्ट ने भंवरी देवी के बच्चों को उसकी पेंशन और रिटायरमेंट समेत सरकारी सेवा से जुड़े सभी लाभ देने के आदेश दिए हैं।देश के सबसे चर्चित भंवरी देवी हत्याकांड एक बार चर्चा में आया ।

भंवरी देवी हत्याकांड: बच्चों को मिलेगी पेंशन; राजस्थान हाईकोर्ट का आदेश
Prem Meenaलाइव हिंदुस्तान,जयपुरFri, 16 Feb 2024 07:35 AM
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राजस्थान हाईकोर्ट ने भंवरी देवी के बच्चों को उसकी पेंशन और रिटायरमेंट समेत सरकारी सेवा से जुड़े सभी लाभ देने के आदेश दिए हैं।देश के सबसे चर्चित भंवरी देवी हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में आया है। चिकित्सा विभाग को 1 सितंबर 2011 से लेकर अब तक रिटायरमेंट से परिलाभ देने के निर्देश दिए है। दरअसल, डेथ सर्टिफिकेट की वजह से रोक रखा था पैसा। पति का हिस्सा डिपार्टमेंट के पास रहेगा जमा। 

लंबे समय तक मृत नहीं माना 

सीबीआई इस मामले में भंवरी देवी को मृत मान रही है, लेकिन राज्य सरकार एवं जिला कलेक्टर ने लम्बे समय उनको मृत नहीं माना। मृतका के पुत्र साहिल पेमावत को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करते हुए मृतक आश्रित अनुकम्पा नियुक्ति दी गई थी। अनुकम्पा नियुक्त तो मिल गई, लेकिन आज तक चिकित्सा विभाग ने मृतका के परिजनों को बकाया पेंशन एवं अन्य परिलाभ का भुगतान नहीं किया है। चिकित्सा विभाग की ओर से तर्क दिया गया कि मृतका भंवरी ने अपने नोमिनी में अमरचंद का नाम लिखा था और वो जेल में होने की वजह से परिलाभ नहीं दिए गए। जबकि मृतका के पति अमरचंद ने अपने पुत्र-पुत्रियों को पेंशन एवं अन्य परिलाभ प्रदान करने के लिए लिखित में सहमति दी थी।

भंवरी के बेटे को मिली थी अनुकंपा नियुक्ति 

कोर्ट में अधिवक्ता ने बताया कि विभाग का रवैया में भी अजीब है। एक तरफ मृतका के पुत्र साहिल को अनुकम्पा नियुक्ति दी जा चुकी है, तो दूसरी ओर अभी तक पेंशन परिलाभ देने को तैयार नहीं है। मामले पर विस्तृत सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने चिकित्सा विभाग को आदेश दिया है कि मृतका के विधिक वारिस पुत्र-पुत्रियों को चार माह में बकाया पेंशन एवं अन्य परिलाभ दिए जाएं. कोर्ट ने यह भी कहा कि 1 सितम्बर, 2011 से ही बकाया पेंशन, परिलाभ एवं ब्याज की गणना की जाएगी. कोर्ट ने मृतका के पति अमरचंद को मिलने वाले लाभ को विभाग में ही जमा रखने का आदेश दिया है। जब तक उनके खिलाफ चल रहे आपराधिक प्रकरण का निस्तारण ना हो जाए।

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