ट्रेंडिंग न्यूज़

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ राजस्थानपायलट को धरोहर बताने वाले राहुल गांधी के बयान पर बोले अशोक गहलोत, हर कार्यकर्ता पर यह बात लागू

पायलट को धरोहर बताने वाले राहुल गांधी के बयान पर बोले अशोक गहलोत, हर कार्यकर्ता पर यह बात लागू

राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी हम सबके नेता है। जब राहुल गांधी ने कहा है एसेट्स है तो फिर एसेट्स है। फिर चर्चा किस बात की। हमारी पार्टी की सबसे बड़ी खूबी यह रही है।

पायलट को धरोहर बताने वाले राहुल गांधी के बयान पर बोले अशोक गहलोत, हर कार्यकर्ता पर यह बात लागू
Prem Meenaलाइव हिंदुस्तान,जयपुरTue, 29 Nov 2022 05:04 PM
ऐप पर पढ़ें

राहुल गांधी के राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और राजेश पायलट को पार्टी के लिए मूल्यवान कहे जाने के एक दिन बाद इसपर मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया आ गई है। अशोक गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी हम सबके नेता हैं और उनके ऐसा कहने के बाद फिर चर्चा किस बात की। सीएम ने कहा कि हमारी पार्टी की सबसे बड़ी खूबी यह रही है आजादी से पहले और आजादी के बाद भी कि जो शीर्ष नेता होता है उसके अनुशासन में पार्टी चलती है।

उन्होंने कहा, "हमारे यहां राहुल गांधी के कहने के बाद कोई गुंजाइश नहीं रहती है। जब राहुल गांधी ने कह दिया है कि असेट्स हैं तो हम सब असेट्स हैं। हर कार्यकर्ता असेट्स हैं। अच्छी बात कही है। दोनों नेता असेट्स हैं। मतलब सब लोग असेट्स हैं। सबलोग मिलकर ही यात्रा को कामयाब करेंगे। मुख्य मुद्दा अगला चुनाव 2023 का है। वो हम जीतकर बताएंगे।" 

जनता कांग्रेस सरकार रिपीट करने का मन बना चुकी है 

सीएम गहलोत ने कहा कि इस बार माहौल हमारे पक्ष में है, जो योजनाएं हमने बनाई हैं शिक्षा, स्वास्थ्य और किसानों की हो, मैं समझता हूं कि महिलाओं के लिए हो, युवाओं के लिए हो, छात्रों के लिए हो। ऐसी योजनाएं देश में कही नहीं बनी है। योजनाएं गांव-गांव तक पहुंचने लग गई है। इसका लाभ भी हमें मिलेगा। आप देखेंगे। इसलिए जब मैं कही दौरे करने जाता हूं तो तो देखते हैं जनता का असाधारण सपोर्ट मिलता है। सड़को पर आकर लोग मिल रहे हैं। हाथ मिलाते हैं। स्वागत करते हैं। इसके मायने क्या हुआ। इसके मायने है कि हमारी सरकार इस बार आ रही है। आप सब से मैं अपील करूंगा। बार-बार सरकार बदलती है। उसके अनुभव अच्छे नहीं रहे हैं। रिफाइनरी इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। 40 हजार करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट था। आज वह 70 हजार करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बन गया है। बताइये, कितना बड़ा नुकसान हुआ। हम ईआरसीपी के पीछे पड़े हुए है। केंद्र सरकार पैसा नहीं दे रही है। हम अपना पैसा लगा रहे हैं। 9 हजार 500 करोड़ रख दिए उसके अंदर हमने। हमारी तो सोच है कि नेगेटिव सोचो मत। सकारात्मक सोच रखो। इसलिए मुझे लगता है, पब्लिक मानस बना चुकी है कि सरकार कांग्रेस की रिपीट करनी है। 

कटारिया अपना घर संभालें 

अस्पताल रोड स्थित पीसीसी कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए सीएम गहलोत ने नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया के बयान सीएम जिनसे नाराज है तो उन पर कार्रवाई क्यों नहीं की, इसके जबाव में सीएम गहलोत ने कहा कि वो पंचायती हमारी वो करेंगे। अपना घर संभाल लें। 5-7 तो वहां बैठे हुए, आपस में लड़ रहे हैं। उनकों क्या कमेंट करने की जरूरत है। हमारी पार्टी पर। कटारिया अपना घर संभाल लेंगे वहीं बहुत है। राजस्थान में बीजेपी की दुर्गति हो रही है। 

नोटबंदी पर सवाल उठाया था क्या 

नीति आयोग के ओपीएस पर एतराज जताने पर सीएम अशोक गहलोत ने कहा- मैं आपसे कहना चाहूंगा कि नीति आय़ोग कहो, चाहे और अर्थशास्त्री भी कह रहे हैं। आरबीआई भी कह सकता है। परंतु उन सबको पूछना चाहिए कि नोटबंदी जो हुई थी। उस वक्त आपने क्या सवाल उठाया था। नोटबंदी बहुत बड़ा मुद्दा था। बिना आरबीआई के पूछे हुए, बिना विश्वास में लिए हुए नोटबंदी कर दी गई। लोग लाइनों में लग गए गए। कितने लोग मर गए है। कितने लोग मर गए थे। ये तो हमारे सरकारी कर्मचारी है। जो गवर्नेंस के कामयाब होने में मदद करते है। बल्कि गवर्नेस में सहयोगी होते है। उनके लिए मानवीय दृष्टिकोण से हमने फैसला लिया है। मैं नीति आयोग को कहना चाहूंगा। हमने मोदीजी को भी कहा है। आप कृपा करके हमारी जो योजनाएं है। चाहे वह ओपीएस है, चाहे वो चिरंजीवी योजना है। महिलाओं के लिए नेपकीन योजना है। हमारी कई योजनाएं ऐसी है जिनको पूरे देश लागू करना चाहिए। पेंशन योजना। बुजुर्गों के लिए। विधवाओं के लिए, साथ में निशक्तजनों के लिए। 800 रुपये देते हैं राज्य में। केंद्र को नीति बनाई जानी चाहिए। अब जमाना आ गया है। देश 21 वीं सदी में पहुंच गया है। नीति बने देश के लिए। पेंशन नीति बने। दुनिया के मुल्कों में हर सप्ताह घरों में पैसा पहुंचता है। जिससे परिवार तकलीफ में नहीं आए। वहीं स्थिति देश में लागू होना चाहिए। तो हमारी जो योजना 4-5 ऐसी है, जिनकों केंद्र को अपनाना चाहिए। पूरे देश में।