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Hindi News राजस्थानऐसी बेवकूफी भी नहीं करनी चाहिए कि मुझे बुलाया नहीं गया, गहलोत का सचिन पायलट पर पलटवार

ऐसी बेवकूफी भी नहीं करनी चाहिए कि मुझे बुलाया नहीं गया, गहलोत का सचिन पायलट पर पलटवार

राजस्थान में गहलोत-पायलट में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है।  सचिन पायलट ने कहा था कि उन्हें जालोर प्रचार के लिए बुलाया नहीं। अब गहलोत ने पायलट के बयान पर पलटवार किया है।

ऐसी बेवकूफी भी नहीं करनी चाहिए कि मुझे बुलाया नहीं गया, गहलोत का सचिन पायलट पर पलटवार
Prem Meenaलाइव हिंदुस्तान,जयपुरTue, 14 May 2024 02:47 PM
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राजस्थान में गहलोत-पायलट में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है।  सचिन पायलट ने कहा था कि उन्हें जालोर प्रचार के लिए बुलाया नहीं। अब अशोक गहलोत ने पायलट के बयान पर पलटवार किया है। गहलोत ने कहा कि ऐसी बेवकूफी न करें कि बुलाया नहीं। प्रियंका गांधी आईं थीं, सचिन आते तो सब वेलकम करते, जाने से नुकसान हो तो क्या फायदा?। बता दें हाल ही में पायलट ने 25 सितंबर 2022 की घटना का जिक्र करते हुए गहलोत को घेरने का प्रयास किया था। दोनों नेताओं के बीच फिर से बयानबाजी शुरू होने के बाद कांग्रेस में सियासी हलचल मच गई है। इसको लेकर राजनीतिक जानकार भी अलग-अलग सियासी मायने निकाल रहे है। बता दें जालौर-सिरोही सीट से गहलोत के बैटे वैभव गहलोत लोकसभा का चुनाव लड़े है। 

गहलोत ने अमेठी में मीडिया से बात करते हुए कहा कि चुनाव में इस तरह की बातों को कई बार मुद्दा बना दिया जाता है, लेकिन इस तरह के मुद्दों पर कॉमेंट करने से बचना चाहिए। चुनाव में कई बार ये अनावश्यक इश्यू बनाया जाता है, लेकिन ऐसी बेवकूफी भी नहीं करनी चाहिए कि मुझे बुलाया नहीं गया। सचिन पायलट को यह बयान नहीं देना चाहिए था, इसकी जरुरत नहीं थी। जिसमें उन्होंने कहा कि मुझे जालोर सिरोही चुनाव प्रचार के लिए नहीं बुलाया गया। कई बार ऐसा हो जाता है, समय नहीं मिल पाता है। हालांकि प्रियंका गांधी जब चुनाव प्रचार करने के लिए आईं थी तो सचिन पायलट भी साथ आते, उनका भी वेलकम होता, लेकिन इस तरह के बयान देने को मैं सही नहीं मानता हूं।

अशोक गहलोत ने आगे कहा कि 'मैं जयपुर ग्रामीण में अनिल चोपड़ा के चुनाव प्रचार में नहीं जा पाया। मेरे OSD से उनकी बात हुई थी, लेकिन समय का तालमेल नहीं बैठा पाया। अगर मैं इस मुद्दे पर बयान देता और कहता कि मैं चोपड़ा के यहां जाना चाहता था, लेकिन मुझे फीडबैक नहीं मिला, यह ठीक नहीं होता है। चुनाव के वक़्त इस तरह के बयान से कैंडिडेट का नुकसान होता है। हर उम्मीदवार जीतने के लिए चुनाव लड़ता है। वहां की क्या परिस्थितियां है, किस नेता की जरुरत है, उसी हिसाब से पार्टी कंट्रोल रूम से मांग की जाती है, लेकिन इस तरह के बयानों से चुनाव के बीच कैंडिडेट को नुकसान होता है। इससे बचना चाहिए।

लोकसभा चुनाव के बीच सचिन पायलट ने भी एक न्यूज एजेंसी को इंटरव्यू दिया था। इस इंटरव्यू से पायलट ने कांग्रेस की सियासत में खलबली मचा दी। उन्होंने 25 सितंबर 2022 की सियासी घटना का जिक्र करते हुए इशारों में गहलोत को घेरने का प्रयास किया। इस बीच अब गहलोत ने भी सचिन पायलट को लेकर बयान दे दिया है। इसके बाद फिर से सियासी चर्चा तेज हो गई है। इधर, पायलट और गहलोत के बीच फिर से सियासी वॉर छिड़ता हुआ नजर आ रहा है। दोनों के एक दूसरे पर आक्रामक होने से कांग्रेस में किसी बड़े सियासी घटनाक्रम की ओर संकेत दिखता नजर रहा है।