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हिंदी न्यूज़ राजस्थानसचिन पायलट को गद्दार बोलकर घिर गए अशोक गहलोत? कांग्रेस नेता हरीश चौधरी ने डाली यह सलाह

सचिन पायलट को गद्दार बोलकर घिर गए अशोक गहलोत? कांग्रेस नेता हरीश चौधरी ने डाली यह सलाह

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट को गद्दार बोलकर घिरते नजर आ रहे हैं। अब कांग्रेसी नेता ही अशोक गहलोत के ऊपर सवाल उठाने लगे हैं और उन्हें सलाह देने लगे हैं।

सचिन पायलट को गद्दार बोलकर घिर गए अशोक गहलोत? कांग्रेस नेता हरीश चौधरी ने डाली यह सलाह
Deepakसचिन सैनी,जयपुरFri, 25 Nov 2022 11:23 PM

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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट को गद्दार बोलकर घिरते नजर आ रहे हैं। अब कांग्रेसी नेता ही गहलोत के ऊपर सवाल उठाने लगे हैं और उन्हें सलाह देने लगे हैं। अखिल भारतीय कांग्रेस की शीर्ष संचालन समिति के सदस्य हरीश चौधरी ने शुक्रवार को कहा कि कोई किसी भी पद पर क्यों न हो उसे शब्दों की गरिमा बनाए रखनी चाहिए। चौधरी ने संवाददाताओं से यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि हम लोग अगर शब्दों की गरिमा नहीं रखेंगे तो राजस्थान क्या होगा?  आज दुनिया में हम लोगों की पहचान शब्दों के कारण ही है।

चौधरी का गहलोत पर तंज
गहलोत ने हाल ही में एक इंटरव्यू में पायलट को गद्दार करार देते हुए कहा कि उन्होंने 2020 में पार्टी के खिलाफ बगावत की थी। उन्होंने राज्य सरकार गिराने की कोशिश की थी इसलिए उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया जा सकता। चौधरी ने गहलोत पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मैं माफी चाहता हूं। मेरे पास इतना अनुभव नहीं है। मैं तीन दफे का मुख्यमंत्री नहीं हूं, तीन दफे का कैबिनेट मंत्री नहीं हूं ,तीन दफे का प्रदेश अध्यक्ष नहीं हूं। आकलन करें तो मेरा अनुभव उतना नहीं है इसके बावजूद मैं कह रहा हूं कि हर किसी को शब्दों की गरिमा रखनी चाहिए।

कहा-मेरी ऐसी शब्दावली नहीं
बायतू से विधायक चौधरी ने कहा कि गहलोत हम लोगों के यानी 102 विधायकों के संरक्षक हैं। संरक्षक को तो कोई सलाह देनी नहीं चाहिए। संरक्षक से सलाह ली जाती है। इसके बावजूद मुझे मेरे परिवार के संरक्षक से निवेदन करना पड़ रहा है कि आप शब्दों का अच्छा उपयोग करो, क्योंकि यह राजस्थान है। चौधरी ने कहा कि उन्होंने कभी भ्रम, भ्रांति, संघर्ष या टकराव में भी कमजोर शब्दों का उपयोग नहीं किया। जब उनसे पूछा गया कि क्या आप भी मानते हैं कि पायलट गद्दार हैं, तो उन्होंने कहा कि क्षमा करें, मेरी ऐसी शब्दावली नहीं है।

राजेंद्र गुढ़ा ने कही यह बात
वहीं, प्रदेश सरकार में मंत्री और पायलट कैंप के नेता माने जाने वाले राजेंद्र गुढ़ा ने भी इस पर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि 80 फीसदी विधायक सचिन पायलट के साथ हैं। उन्होंने कहा कि अगर 80 फीसदी विधायक पायलट के साथ नहीं जाते हैं तो हम अपना दावा वापस ले लेंगे। गुढ़ा ने कहा कि लोग उन्हें निकम्मा, नकारा, गद्दार चाहे जो कह लें, लेकिन सच यह है कि प्रदेश में पायलट साहब जैसा नेता नहीं है। कांग्रेस के बीच यह घमासान ऐसे वक्त में मचा है जबकि वह अगले विधानसभा चुनाव में सत्ता में वापसी की राह देख रही है। इस बीच विपक्षी दल भाजपा, सत्तापक्ष में मचे इस द्वंद्व का फायदा उठाने की कोशिश में है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस अंदरूनी लड़ाई के चक्कर में राजस्थान की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है।