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राजस्थानपीएम मोदी को पत्र लिखा ताकि वे ये ना कह सकें कि मुझे मामले की जानकारी नहीं थी: अशोक गहलोत

लाइव हिंदुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Rakesh Kumar
Thu, 23 Jul 2020 06:09 PM
पीएम मोदी को पत्र लिखा ताकि वे ये ना कह सकें कि मुझे मामले की जानकारी नहीं थी: अशोक गहलोत

राजस्थान में जारी सियासी घमासान के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रदेश के वर्तमान संकट को लेकर पत्र लिखने पर सफाई देते हुए कहा कि ऐसा उन्होंने इसलिए किया ताकि कल को वे ये ना कह दें कि मुझे इसकी जानकारी ही नहीं थी। दरअसल गहलोत ने बुधवार (22 जुलाई) को पीएम मोदी को एक पत्र लिखकर उन्हें प्रदेश के राजनीतिक हालात से अवगत कराया है।

गहलोत ने गुरुवार (23 जुलाई) को कहा, "प्रधानमंत्री जी को मैंने पत्र लिखा है क्योंकि कल को प्रधानमंत्री जी ये न कह दें कि मुझे जानकारी नहीं थी या मुझे मेरे लोगों द्वारा अधूरी जानकारी दी गई। ताकि कभी मैं उनसे मिलूं तो मुझे ये न कहें कि ये बात तो मुझे मालुम ही नहीं थी।"

इसके आगे गहलोत ने कहा कि अगर केंद्र को राजस्थान सरकार पर यकीन नहीं है, तो वे ऑडियो टेप की आवाज को जांच के लिए अमेरिका भेज सकते हैं। उन्होंने कहा, "अगर वे लोग राजस्थान की सरकार पर भरोसा नहीं करते हैं, तो वे ऑडियो टेप की आवाज को जांच के लिए अमेरिका की एफएसएल एजेंसी भेज सकते हैं। केंद्रीय मंत्री, विधायक, सांसद सभी भाषण देते हैं, इसलिए हर कोई जानता है कि यह उन्हीं की आवाज है।"

 

दूसरी ओर, उच्चतम न्यायालय ने राजस्थान के बर्खास्त उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट सहित कांग्रेस के 19 बागी विधायकों की याचिका पर अपना आदेश सुनाने की राज्य के उच्च न्यायालय को बृहस्पतिवार को अनुमति दे दी, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि उसकी व्यवस्था विधानसभा अध्यक्ष द्वारा शीर्ष अदालत में दायर याचिका पर आने वाले निर्णय के दायरे में होगी।

हालांकि, इस मामले में राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष सी पी जोशी अपनी उन दलीलों पर शीर्ष अदालत से किसी भी प्रकार की अंतरिम राहत पाने में विफल रहे जिसमें कहा गया था कि संविधान की 10वीं अनुसूची के अंतर्गत उनके द्वारा की जा रही अयोग्यता की कार्यवाही से उच्च न्यायालय उन्हें रोक नहीं सकता।

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