गरीब छात्रों के लिए अनुप्रति कोचिंग योजना, मैरिट सूची के संबंध में 23 जनवरी तक आपत्तियां मांगी

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजनान्तर्गत जारी प्रोविजनल मैरिट सूची में विशेष पिछड़ा वर्ग (अति-पिछड़ा वर्ग) के अभ्यथ्रियों में अन्य वर्ग के अभ्यर्थियों के...

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लाइव हिंदुस्तान , जयपुर Prem Meena
Last Modified: Fri, 21 Jan 2022 6:16 PM

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजनान्तर्गत जारी प्रोविजनल मैरिट सूची में विशेष पिछड़ा वर्ग (अति-पिछड़ा वर्ग) के अभ्यथ्रियों में अन्य वर्ग के अभ्यर्थियों के चयनित होने के प्रकरणों की जांच कर वांछित संशोधन करने के निर्देश जारी किए गए हैं। मैरिट सूची के संबंध में अभ्यर्थी 23 जनवरी तक आपत्ति दर्ज करवा सकते हैं। योजना के तहत गरीब छात्रों को सरकार की ओर से फ्री में प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग संस्थानों में तैयारी कराई जाती है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने बताया कि योजनान्तर्गत वर्ष 2021-22 में जिलेवार, वर्गवार, परीक्षावारलक्ष्य निर्धारित कर अभ्यर्थियों की प्रोविजनल मैरिट सूची 18 जनवरी को जारी की गई थी। सूची में चयनित विद्यार्थियों को योजनान्तर्गत सूचीबद्ध कोचिंग संस्थानों में सम्बधित परीक्षा की कोचिंग करवाई जाएगी। योजना के के तहत एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के वे अभ्यर्थी पात्र होंगे जिनके परिवार की सालाना आय 8 लाख रुपये से कम है।

23 जनवरी तक आपत्तियां मांगी

डॉ. समित शर्मा ने बताया कि प्रोविजनल मैरिट सूची में विशेष पिछड़ा वर्ग (अति-पिछड़ा वर्ग) के अभ्यथ्रियों में अन्य पिछड़ा वर्ग या अन्य वर्ग के अभ्यर्थियों का भी चयनित प्रदर्शित हो रहा है। विभाग के सभी जिलाधिकारियों को इस प्रकार के प्रकरणों की जांच कर वांछित संशोधन करने के लिए निर्देशित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सूची में कोई अन्य आपत्ति है तो आपत्तिकर्ता 23 जनवरी तक सम्बधित विभागीय जिलाधिकारी के पास दर्ज करवा सकते हैं। उसके पश्चात् प्राप्त आपत्ति पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। 

जिला कलेक्टर करेंगे प्रकरणों की जांच
डॉ. समित शर्मा ने बताया कि प्रोविजनल मैरिट सूची में विशेष पिछड़ा वर्ग (अति-पिछड़ा वर्ग) के अभ्यथ्रियों में अन्य पिछड़ा वर्ग या अन्य वर्ग के अभ्यर्थियों का भी चयनित होना प्रदर्शित हो रहा है। विभाग के सभी जिलाधिकारियों को इस प्रकार के प्रकरणों की जांच कर वांछित संशोधन करने के लिए निर्देशित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सूची में कोई अन्य आपत्ति है तो आपत्तिकर्ता 23 जनवरी तक सम्बधित विभागीय जिलाधिकारी के पास दर्ज करवा सकते हैं। उसके पश्चात् प्राप्त आपत्ति पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।

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