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Admission under RTE : निजी स्कूलों में आज से प्रवेश शुरू, मंत्री बीडी कल्ला ने निकाली लाॅटरी

राजस्थान में  RTE के तहत प्रदेश की 37,345 स्कूलों में करीब दो लाख सीटों पर प्रवेश के लिए आज शुक्रवार को ऑनलाइन लॉटरी निकाली गई। शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला ने ऑनलाइन लॉटरी निकाली। अधिकारी मौजूद रहे।

Admission under RTE : निजी स्कूलों में आज से प्रवेश शुरू, मंत्री बीडी कल्ला ने निकाली लाॅटरी
Prem Meenaलाइव हिंदुस्तान,जयपुरFri, 19 May 2023 01:23 PM
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Admission under RTE : राजस्थान में  RTE के तहत प्रदेश की 37,345 स्कूलों में करीब दो लाख सीटों पर प्रवेश के लिए आज शुक्रवार को ऑनलाइन लॉटरी निकाली गई। शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला ने ऑनलाइन लॉटरी निकाली। शिक्षामंत्री बीडी कल्ला ने ट्वीट कर कहा- आज शिक्षा संकुल में प्रदेश में निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत समस्त गैर सरकारी विद्यालयों में शैक्षिक सत्र 2023-24 में निःशुल्क सीटों पर प्रवेश के लिए ऑनलाइन लॉटरी निकाली।शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में जरूरतमंद बच्चों के प्रवेश की प्रक्रिया आज शुरू हुई। उल्लेखनीय है कि प्रदेश की 37,345 निजी स्कूलों की करीब दो लाख सीटों पर प्रवेश के लिए शिक्षा संकुल में शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला ने ऑनलाइन लॉटरी निकाली।

योजना परिजनों के लिए वरदान साबित होगी

शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला ने कहा कि आरटीई की लॉटरी पहले निकाली जा रही थी, लेकिन निजी स्कूलों और शिक्षा विभाग के बीच कुछ मुद्दे थे। जिनका हल निकालकर आज यह लॉटरी ऑनलाइन निकाली गई है। इससे उन बच्चों को फायदा होगा जो महंगी फीस देकर बड़े स्कूलों में नहीं पढ़ सकते हैं. उनके लिए यह बहुत बड़ा अवसर है. मनमोहन सिंह जब प्रधानमंत्री थे तब आरटीई -2009 कानून बना था. अब तक 9 लाख बच्चे राजस्थान में इसका लाभ ले चुके है। इनमें से कई बच्चों ने मेडिकल और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में प्रवेश लिया है। ये योजना जरूरतमंद बच्चों और उनके परिजनों के लिए वरदान साबित होगी।

प्रवेश से मना नहीं कर सकेंगे निजी स्कूल

शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला ने कहा कि आरटीई के तहत कोई निजी स्कूल किसी बच्चे को प्रवेश देने से मना नहीं कर सकता है. एक प्राधिकरण बनना है. जब प्राधिकरण बन जाएगा तो निजी स्कूलों और कॉलेजों का रेगुलेशन का काम होगा। यह प्राधिकरण बनने से आरटीई की सीटों पर प्रवेश को लेकर स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों के बीच गतिरोध भी कम होगा. जब तक यह प्राधिकरण नहीं बनता है। तब तक अभिभावकों की शिकायतों का शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा निस्तारण किया जाता है. इस पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक गौरव अग्रवाल ने कहा कि यदि किसी बच्चे के आवेदन में किसी तरह की कमी रहती है तो स्कूल परिजनों को नोटिस देकर अवगत कराएगा. परंतु निजी स्कूल बच्चे को प्रवेश देने से मना नहीं कर सकेगा. इसका प्रावधान इस कानून में है।
 

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