
प्रदेश का खजाना खाली है, बहुत ज्यादा कर्ज में डूबा है राजस्थान; उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने क्यों कहा ऐसा
दीया कुमारी ने कहा, ‘हमारी सरकार सिर्फ बातें ही नहीं करेगी, धरातल पर काम भी करेगी और हम लोग फालतू की बड़ी-बड़ी घोषणाएं नहीं करेंगे, जैसी कि उन लोगों (पिछली सरकार) ने की थी। जो काम हो सकता है सचमुच वो करेंगे।’
राजस्थान की वित्त मंत्री और उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी का कहना है कि पिछली सरकार ने हमें विरासत में राजस्थान का खाली खजाना सौंपा है और प्रदेश बहुत ज्यादा कर्ज में डूबा हुआ है, जिसे हम लोग लगातार बाहर निकालने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें टूटी हुई सड़कें मिली थीं, जिन्हें आने के बाद से ही हम ठीक करने के काम में जुटे हुए हैं। दीया कुमारी ने कहा कि पिछली सरकार अगर अच्छी होती तो वह राजस्थान से जाती ही नहीं। उपमुख्यमंत्री ने यह सारी बातें शनिवार को जैसलमेर में मीडिया से बात करते हुए कहीं।

उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा, 'पिछली सरकार तो वैसी ही थी, जैसी हम सब जानते हैं, अगर अच्छी होती तो शायद वह राजस्थान से जाते ही नहीं। लेकिन मैं उनकी बात नहीं करूंगी। एक तो वह हमारे लिए बिल्कुल खाली खजाना छोड़कर गए थे, और दूसरा राजस्थान बहुत बुरी तरह से कर्ज में डूबा हुआ है, जिसे हम लोग लगातार बाहर निकालने का प्रयास कर रहे हैं। पूरे प्रदेश की सड़कें हमें टूटी हुई मिली थीं, हम लोग आने के बाद से ही उनको ठीक करने का काम कर रहे हैं। ऐसे में नई सड़कें बनाना तो आगे की बात है।'
आगे उन्होंने कहा, 'जिस तरह की चीजें वह हमें विरासत में देकर गए हैं, उन पर तो मैं कुछ नहीं कहना चाहूंगी, लेकिन मैं ये जरूर कहूंगी, हमारे बजट की जो भी घोषणाएं हैं, उनका मैं समय-समय पर रिव्यू ले रही हूं। फिर चाहे वह महाराणा प्रताप सर्किट हो, जिसका मैंने राजसमंद में रिव्यू लिया था, उसका काम तेज गति से चल रहा है। पुष्कर कॉरिडोर का रिव्यू मैंने पुष्कर में भी लिया था और जयपुर में भी लगातार ले रहे हैं। इसी तरह खाटू श्यामजी कॉरिडोर की रिव्यू मीटिंग भी हम लगातार ले रहे हैं। ट्राइबल सर्किट की समीक्षा भी हम लगातार कर रहे हैं और उसको कैसे करेंगे, कहां करेंगे इस बारे में भी हम लगातार चर्चा कर रहे हैं। सबकुछ हो रहा है, सभी चीजों की डीपीआर बन रही है, कुछ पैसा दिल्ली से आएगा, कुछ पैसा हम लोग लगाएंगे।'
इसके आगे उन्होंने अपनी सरकार की प्रतिबद्धता बताते हुए और राज्य में पर्यटन के अवसर बढ़ाने को लेकर कहा, 'हमारी सरकार सिर्फ बातें ही नहीं करेगी, धरातल पर काम भी करेगी और हम लोग फालतू की बड़ी-बड़ी घोषणाएं नहीं करेंगे, जैसी उन लोगों ने की थी। जो काम हो सकता है सचमुच वो करेंगे। टूरिज्म एक ऐसी चीज है, जिसमें आप किसी भी टूरिस्ट को अच्छी व्यवस्थाएं दे दो, अच्छी सड़क दे दो, रहने की जगह दे दो, टॉयलेट्स दे दो, फैसिलिटीज दे दो, कनेक्टिविटी दे दो, उसके बाद आपको कुछ करने की जरूरत नहीं है। हमारे प्रदेश में प्राइवेट सेक्टर भी बहुत सक्षम है, और अच्छा काम करते हैं। उनके साथ मिलकर अगर हम लोग सरकार एक फेसिलिटेटर के रूप में अच्छा काम करे तो मुझे लगता है उसके अच्छे परिणाम आएंगे और प्रदेश में बहुत सारे पर्यटक आएंगे। पिछले साल 23 करोड़ से ज्यादा पर्यटक राजस्थान आए थे, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।'
बता दें कि दीया कुमारी शनिवार को जैसलमेर के जिला कलेक्ट्रेट सभागार पहुंची थीं, जहां उन्होंने जैसलमेर और बाड़मेर जिले के पर्यटन, महिला एवं बाल विकास तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन, विकास कार्यों की गुणवत्ता और उनकी प्रभावशीलता की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों से उनके कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए व आगामी कार्य योजना पर चर्चा की।





