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भ्रामक विज्ञापन मामला: सलमान खान नहीं पहुंचे कोर्ट, गिरफ्तारी वारंट की मांग

भ्रामक विज्ञापन मामला: सलमान खान नहीं पहुंचे कोर्ट, गिरफ्तारी वारंट की मांग

संक्षेप:

राजश्री पान मसाला के भ्रामक विज्ञापन मामले में सलमान खान की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। राजस्थान के कोटा की कंज्यूमर कोर्ट में चल रही सुनवाई में मंगलवार को कंपनी की ओर से आए वकील ने अपना पक्ष रखा।

Jan 21, 2026 10:00 am ISTMohammad Azam लाइव हिन्दुस्तान, कोटा
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राजश्री पान मसाला के भ्रामक विज्ञापन मामले में सलमान खान की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। राजस्थान के कोटा की कंज्यूमर कोर्ट में चल रही सुनवाई में मंगलवार को कंपनी की ओर से दिल्ली से आए वकील ने अपना पक्ष रखा। जबकि दूसरी तरफ बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान की ओर से कोई भी वकील कोर्ट में उपस्थित नहीं हुआ। आज सलमान खान को कोर्ट में हाजिर होना था। इसके लिए अदालत की तरफ से सलमान खान को नोटिस भी जारी किया गया था। वही सुनवाई के दौरान मामले की अगली तारीख 5 फरवरी तय की गई है।

याचिकाकर्ता अधिवक्ता इंद्र मोहन सिंह हनी ने बताया कि कोर्ट में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को दस्तावेजों के साथ व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन सलमान खान कोर्ट में पेश नहीं। इस पर कोर्ट ने अवमानना माना है। वहीं दूसरी तरफ राजश्री पान मसाला कंपनी की ओर से अधिवक्ता वरुण विकास पेश हुए। ऐसे में अगली सुनवाई में पेश नहीं होने पर सलमान खान के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने की मांग की गई है। जिसपर कोर्ट ने सलमान खान को एक और मौका देकर अगली सुनवाई 5 फरवरी तक की है। साथ ही हमसे फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री की रसीद पेश करने के लिए भी कहा गया है।

सिग्नेचर की हो रही जांच

याचिकाकर्ता की ओर से सलमान खान की तरफ से पेश किए गए वकालतनामे और जवाब पर सलमान खान के हस्ताक्षर को लेकर आपत्ति जताई थी। इस दौरान सलमान खान के हस्ताक्षर की जांच की भी मांग की गई थी। इस पर कोर्ट ने फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री से जांच करवाने के निर्देश दिए थे। जिसकी रिपोर्ट आना बाकी है।

बॉलीवुड स्टार सलमान खान और राजश्री पान मसाला कंपनी के खिलाफ 3 नवंबर को कोटा की कंज्यूमर कोर्ट में पेश किए गए परिवाद में पान मसाला के विज्ञापन पर रोक लगाने की मांग की गई थी और यह आरोप लगाया गया था कि पान मसाला की ओर से भ्रामक विज्ञापन किया जा रहा है। जिससे युवा गंभीर बीमारी की ओर अग्रसर हो रहे हैं। ऐसे भ्रामक विज्ञापन पर तुरंत रोक लगनी चाहिए।

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मोहम्मद आजम पिछले 3.5 सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में बतौर कंटेंट प्रोडूसर काम कर रहे हैं।


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परिचय और अनुभव: मोहम्मद आजम पिछले तीन सालों से ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहे हैं। कम समय में आजम ने पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया की बारीकियां सीखी हैं और अब भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट न्यूज टीम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


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आजम ने ग्रेजुएशन तक विज्ञान की पढ़ाई की है, लेकिन राजनीतिक विषयों में रुचि उनको पत्रकारिता की तरफ खींच लाई। आजम ने अपना पोस्ट ग्रेजुएशन देश के अग्रणी संस्थानों में से एक भारतीय जनसंचार संस्थान से पूरा किया। विज्ञान बैकग्राउंड होने के चलते आजम को फैक्ट आधारित पत्रकारिता करने में महारत हासिल है।


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