
भर्ती परीक्षाओं में धोखाधड़ी से छात्र-अभिभावक टूट जाते हैं, दोषियों को नहीं बख्शेंगे; CM भजनलाल शर्मा की दो टूक
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भर्ती परीक्षाओं में हो रही धोखाधड़ी और पेपर लीक को युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर अपराध बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं से सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि उनके माता-पिता भी मानसिक रूप से टूट जाते हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भर्ती परीक्षाओं में हो रही धोखाधड़ी और पेपर लीक को युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर अपराध बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं से सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि उनके माता-पिता भी मानसिक रूप से टूट जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिसने भी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, वह चाहे कितना ही बड़ा नेता या अधिकारी क्यों न हो, उसे सजा जरूर मिलेगी।
जयपुर में शुक्रवार को आयोजित राज्यस्तरीय मेगा पीटीएम कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब और मध्यम वर्ग के परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए कर्ज लेकर मेहनत करते हैं। जब उन्हीं बच्चों के साथ भर्ती परीक्षाओं में धांधली होती है, तो पूरे परिवार की उम्मीदें टूट जाती हैं। उन्होंने कहा कि पहले मेहनती और साधारण परिवारों के बच्चों को यह तक पता नहीं चलता था कि ओएमआर शीट में भी गड़बड़ी कर दी जाती है, लेकिन अब सरकार ऐसे हर तरीके को उजागर कर रही है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष चाहे जैसे बयान दे या यह दावा करे कि उनके कार्यकाल में कोई गड़बड़ी नहीं हुई, लेकिन जांच में सब कुछ साफ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि कब, कैसे और किसके संरक्षण में धांधली हुई, यह सच्चाई सामने आएगी। गलत करने वालों को हर हाल में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
सीएम शर्मा ने कहा कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में लगातार पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के मामले सामने आते रहे। अब उसी दौर से जुड़े लोग एक-एक कर पकड़े जा रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि युवाओं के सपनों को रौंदने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। चाहे वह बड़ा अधिकारी हो या प्रभावशाली नेता, कानून सभी के लिए समान है। उन्होंने यह भी कहा कि पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और किसी भी तरह का दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़ी कई योजनाओं की राशि लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की। गार्गी पुरस्कार योजना के तहत 10वीं कक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाली छात्राओं के खातों में 127 करोड़ रुपये की राशि सीधे भेजी गई। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट वाउचर योजना के तहत 4.40 लाख छात्रों को 53 करोड़ रुपये की सहायता दी गई, जिससे उन्हें शिक्षा के लिए आवागमन में राहत मिलेगी।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत भी 700 करोड़ रुपये से अधिक की राशि लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि समाज के हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचे और किसी को भी अपने अधिकारों के लिए भटकना न पड़े।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार सरकारी नौकरियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर बढ़ाने पर काम कर रही है। इसके लिए विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, ताकि युवा रोजगार के लिए सक्षम बन सकें। उन्होंने जयपुर में विदेशी भाषा संचार कौशल स्कूल खोलने की घोषणा भी की, जिससे युवाओं को वैश्विक स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
सीएम ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार मेहनती छात्रों के साथ है और उनके सपनों को साकार करने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी।

लेखक के बारे में
Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।
सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।
शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।




