
राजस्थान में ऊंट से टकराई कार, ड्राइवर की मौत; दंपति और बच्चे बाल-बाल बचे
राजस्थान में भीलवाड़ा के आसींद थाना क्षेत्र में शनिवार को एक कार के ऊंट से टकराने से कार चालक की मौत हो गई। इस घटना में कार में सवार दंपति और उनके बेटे बेटी बाल-बाल बच गए। सभी मध्य प्रदेश के इंदौर से होंडा सिटी कार से ब्यावर जा रहे थे।
राजस्थान में भीलवाड़ा के आसींद थाना क्षेत्र में शनिवार को एक कार के ऊंट से टकराने से कार चालक की मौत हो गई। इस घटना में कार में सवार दंपति और उनके बेटे बेटी बाल-बाल बच गए। सभी मध्य प्रदेश के इंदौर से होंडा सिटी कार से ब्यावर जा रहे थे।
पुलिस सूत्रों ने रविवार को बताया विनोद नगर ब्यावर निवासी निकुंज चोपड़ा, अपनी पत्नी, बेटी निष्का (16) और बेटे जैनम के साथ मध्य प्रदेश के इंदौर से होंडा सिटी कार से ब्यावर जा रहे थे। कार ब्यावर का सलीम (55) चला रहा था। कार पालड़ी और ब्राह्मणों की सरेरी गांवों के बीच पहुंची ही थी अचानक सामने आये ऊंट से कार टकरा कर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
पुलिस ने बताया कि इससे सलीम गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे आसींद के अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना में कार में सवार दंपती और उनके बेटे बेटी बाल-बाल बच गए। पुलिस ने सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
नाले में युवक का शव मिलने से हड़कंप
राजस्थान में भीलवाड़ा के सुभाष नगर थाना क्षेत्र में रविवार को सुबह लव गार्डन के पास स्थित नाले में एक युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, लव गार्डन स्थित मंदिर के पास नाले में किसी व्यक्ति ने एक युवक का शव देखा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव नाले से निकलवाया। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करके साक्ष्य जुटाए।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि मृतक की तलाशी लेने पर उसके पास से एक आधार कार्ड बरामद हुआ, जिसके आधार पर युवक की पहचान गुर्जर मोहल्ला के संजय राणावत के रूप में हुई है। पुलिस ने फिलहाल शव महात्मा गांधी अस्पताल के शवगृह में रखवाया है। पुलिस घटना की जांच कर रही है।

लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।




