'...तो रद्द हो जाएगी जमानत', छेड़छाड़ के आरोपी को बेल देते हुए राजस्थान हाई कोर्ट ने लगाई ये शर्त
राजस्थान हाई कोर्ट की जोधपुर बेंच ने नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ के आरोपी को जमानत देते हुए शर्त लगाई है। कोर्ट ने कहा कि शर्त का उल्लंघन करने पर आरोपी की जमानत रद्द कर दी जाएगी।

राजस्थान हाई कोर्ट की जोधपुर बेंच ने नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ के आरोपी को जमानत दे दी है। जमानत देते हुए हाई कोर्ट ने आरोपी युवक पर सख्त शर्तें भी लगाई हैं। हाई कोर्ट की बेंच ने आरोपी को जमानत देते हुए एक साल के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने जमानत देते हुए कहा कि शर्त का उल्लंघन करने पर आरोपी की जमानत को रद्द कर दिया जाएगा।
कोर्ट ने क्या लगाई शर्त
कोर्ट ने आरोपी को जमानत देते हुए एक शर्त भी लगाई है। कोर्ट ने कहा कि आरोपी जमानत पर रहते हुए एक साल तक इंस्टाग्राम, फेसबुक, स्नैपचैट, थ्रेड, शेयरचैट समेत किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करेगा। कोर्ट ने कहा कि अगर सोशल मीडिया का किसी फर्जी आईडी से भी इस्तेमाल करता हुआ युवक पकड़ा गया तो उसकी जमानत रद्द कर दी जाएगी।
आरोपी पर लगी हैं ये धाराएं
राजस्थान हाई कोर्ट की जोधपुर बेंच के जस्टिस अशोक कुमार जैन ने जमानत देते हुए ये शर्त लगाई है। बीकानेर की मुक्ताप्रसाद नगर थाने में दर्ज मामले पर सुनवाई करते हुए उन्होंने जमानत दी है।आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 78 (2), 79 और पॉक्सो एक्ट की धारा 11 और 12 के तहत केस दर्ज किया है।
पीड़ित परिवार से संपर्क पर भी रोक
सोशल मीडिया पर रोक के साथ-साथ हाई कोर्ट ने आरोपी या आरोपी के परिजनों द्वारा किसी भी माध्यम से पीड़िता या पीड़िता के परिजनों से संपर्क पर भी रोक लगाई है। इसमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम, फेसबुक मैसेंजर, स्नैपचैट और व्हाट्सऐप जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी आरोपी या उसका परिवार पीड़िता के परिवार से संपर्क नहीं कर सकता है।
क्या था पूरा मामला
मामला 22 फरवरी 2026 का है। पीड़िता के पिता ने एफआईआर दर्ज करवाई थी। पीडि़ता के पिता ने आरोप लगाया था कि आरोपी युवक ने नाबालिग लड़की का पीछा किया और उसे परेशान किया। इस दौरान उसका यौन उत्पीड़न भी किया। पिता की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद चार्जशीट भी दायर की गई।
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Mohammad Azamसंक्षिप्त विवरण
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