राजस्थान में सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ी, कितने रुपये का इजाफा?
राजस्थान सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन में बढ़ोतरी की है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। पेंशन की यह बढ़ी हुई राशि 1 जनवरी से लागू होगी और फरवरी महीने से मिलना शुरू हो जाएगी।

राजस्थान सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन में 50 रुपये की बढ़ोतरी की है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से इस बारे में आदेश जारी कर दिए गए हैं। अब वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांगजन और लघु किसानों को मिलने वाली मासिक पेंशन 1250 रुपये से बढ़कर 1300 रुपये हो जाएगी। यह बढ़त 1 जनवरी से प्रभावी होगी और इसका लाभ फरवरी महीने से मिलना शुरू हो जाएगा। इस फैसले से प्रदेश के लगभग 91 लाख पेंशनभोगियों को सीधा फायदा मिलेगा।
अब मिलेंगे 1300 रुपये
जारी बयान में बताया गया कि सरकार अब सामाजिक सुरक्षा पेंशन में 50 रुपये बढ़ाकर देगी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, वृद्धावस्था, विधवा या एकल नारी, दिव्यांगजन और लघु एवं सीमांत किसानों को दी जाने वाली मासिक पेंशन राशि 1150 रुपये से बढ़ाकर 1300 रुपये कर दी गई है।
1 जनवरी से लागू
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने बताया कि पेंशन की यह बढ़ी हुई राशि 1 जनवरी से लागू होगी और फरवरी महीने से मिलना शुरू हो जाएगी। इससे राज्य के 91 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा। मंत्री के अनुसार, राजस्थान न्यूनतम आय गारंटी कानून 2023 के तहत यह पेंशन बढ़ाई गई है। इस वृद्धि से राज्य सरकार पर हर साल करीब 550 करोड़ रुपए का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
72 फीसदी वादे किए पूरे- सीएम
इस बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि हमारी सरकार संकल्प पत्र में किए गए वादों के अनुरूप निरंतर सूबे के लोगों के हित में कार्य कर रही है। उन्होंने दावा किया कि केवल दो वर्षों में ही 72 फीसदी वादे पूरे किए जा चुके हैं। प्रदेश में पानी की आवश्यकता को समझते हुए राज्य सरकार राम जल सेतु लिंक परियोजना, देवास परियोजना, यमुना जल समझौता, गंगनहर की मरम्मत, सोम-कमला-अम्बा सहित विभिन्न परियोजनाओं पर तेजी से कार्य कर रही है।
कांग्रेस सरकार ने केवल योजनाओं के नाम बदले
यूनीवार्ता की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर कोटा, अजमेर और भरतपुर संभाग के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जब-जब भाजपा की सरकार रही है उसने हमेशा विकास और जनकल्याण के कार्य किए हैं। भामाशाह और अन्नपूर्णा जैसी योजनाएं भाजपा सरकार के कार्यकाल में ही लाई गईं। वहीं कांग्रेस सरकार ने केवल इन योजनाओं का नाम बदलने का काम किया है।
बजट का कोई प्रावधान नहीं किया
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने राज्य में 50 से अधिक जिले तो बना दिए लेकिन उनके लिए बजट का कोई प्रावधान नहीं किया। अब हमारी सरकार इन जिलों में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए पर्याप्त बजट दे रही है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली 6,000 रुपये की राशि में 3,000 रुपये जोड़कर अब इसे 9,000 रुपये कर दिया गया है।
(यूनीवार्ता के इनपुट के साथ)
लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
संक्षिप्त विवरण
कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।
रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।
पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।


