राजस्थान में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल; 187 आरएएस अधिकारियों के तबादले
राजस्थान सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 187 आरएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। कार्मिक विभाग के आदेशानुसार कई विभागों और जिला स्तर पर नियुक्तियां बदली गई हैं। इसमें पंकज ओझा सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों के पद बदले गए हैं।

राजस्थान सरकार ने हाल ही में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 187 राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) अधिकारियों के तबादले किए हैं। कार्मिक विभाग के आदेशानुसार, कई महत्वपूर्ण विभागों और जिला स्तरीय पदों में बदलाव किया गया है। प्रमुख नियुक्तियों में पंकज ओझा को सामाजिक न्याय विभाग का निदेशक बनाया गया है। इसके अलावा विनीता सिंह, ज्योति चौहान और विनोद कुमार पुरोहित जैसे अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
जिला स्तर पर भी बड़ा फेरबदल
कार्मिक विभाग की ओर से जारी एक आदेश के अनुसार, कई विभागों में नेतृत्व में बदलाव किया गया है। जिला स्तर पर भी कई नियुक्तियों में फेरबदल किया गया है। प्रमुख बदलावों में पंकज ओझा का तबादला है। उनको पशुपालन विभाग के निदेशक पद से हटाकर सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग में निदेशक बनाया गया है। उनकी जगह गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार कश्मी कौर रण को नियुक्त किया गया है।
ज्योति चौहान अब चिकित्सा विभाग की संयुक्त सचिव
जयपुर एक की एडीएम विनीता सिंह को राजस्थान राज्य बीज निगम का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है जबकि ज्योति चौहान को राजस्थान रोडवेज में कार्यकारी निदेशक के पद से हटाकर चिकित्सा विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर भेजा गया है। स्थानीय निकाय विभाग (डीएलबी) में उप निदेशक विनोद कुमार पुरोहित को चौहान की जगह राजस्थान रोडवेज में कार्यकारी निदेशक (यातायात) के पद पर तैनात किया गया है।
10 को एसडीएम पदों पर तैनाती
झुंझुनू जिला परिषद के सीईओ कैलाश चंद यादव को कॉलेज शिक्षा विभाग में अतिरिक्त आयुक्त नियुक्त किया गया है। अमानुल्लाह खान का तबादला जोधपुर डिस्कॉम के सचिव पद से आयुर्वेद विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार पद पर किया गया है। वहीं अखिलेश कुमार पीपल को जोधपुर डिस्कॉम का सचिव बनाया गया है। यही नहीं तहसीलदार कैडर से हाल ही में आरएएस में पदोन्नत हुए 11 अधिकारियों में से 10 को एसडीएम पदों पर तैनाती दी गई है।
अपराध और गैंगस्टरों के खिलाफ बड़ा अभियान
इस बीच राजस्थान पुलिस ने हाल ही में संगठित अपराध और गैंगस्टरों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया है। नौ मई से 11 मई तक चले इस 3 दिवसीय विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने एक हजार छह सौ से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार किया। अतिरिक्त महानिदेशक दिनेश एमएन के अनुसार यह कार्रवाई प्रदेश के सभी जिलों में एक साथ की गई ताकि अवैध हथियार सप्लाई करने वालों और वांछित अपराधियों को पकड़ा जा सके। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य में अपराध पर लगाम लगाना और कुख्यात गैंगों के नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ना था।
लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
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