
राजस्थान सरकार ने 20 लाख लोगों की पेंशन पर लगाई रोक, अचानक ऐसा क्यों हुआ?
राज्य में कुल 71 लाख से ज्यादा पेंशन लाभार्थी हैं, जिनमें से 20.36 लाख लोगों की पेंशन पर खतरा मंडराता हुआ दिखाई दे रहा है। जानकारी में सामने आ रहा है कि जयपुर और जोधपुर डिवीजन के लाभार्थियों की पेंशन सबसे ज्यादा रुकी है।
राजस्थान सरकार ने 20 लाख से ज्यादा लोगों की पेंशन पर रोक लगा दी है। राज्य में कुल 71 लाख से ज्यादा पेंशन लाभार्थी हैं, जिनमें से 20.36 लाख लोगों की पेंशन पर खतरा मंडराता हुआ दिखाई दे रहा है। जानकारी में सामने आ रहा है कि जयपुर और जोधपुर डिवीजन के लाभार्थियों की पेंशन सबसे ज्यादा रुकी है। आपके मन में भी सवाल पैदा हो रहा होगा कि आखिर ऐसा क्यों हुआ है?
जानिए ऐसा क्यों किया गया?
दरअसल ये पूरा मामला वैरिफिकेशन न कराने से जुड़ा है। विभाग ने ऐसे लोगों पर एक्शन लिया है, जिन लाभार्थियों ने समय रहते अपना वैरिफिकेशन नहीं कराया था। अब जब वैरिफिकेशन पूरा नहीं था, तो सरकार ने ऐसे लोगों की पेंशन रोक दी है। जानकारी के मुताबिक, राज्य में कुल पेंशन पाने वालों की संख्या 71.46 लाख है। इनमें से करीब 22 फीसदी लाभार्थियों ने अपना वैरिफिकेशन नहीं कराया था। इसमें करीब 20.36 लाख लोग शामिल हैं।
ज्यादा परेशान होने की बात नहीं है…
सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के मुताबिक, वेरिफिकेशन की आखिरी तारीख 31 दिसंबर थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोगों ने इसको पूरा नहीं कराया। ऐसे में इन लोगों की पेंशन रोक दी गई है। हालांकि ज्यादा परेशान होने वाली बात नहीं है। लाभार्थियों को कहा गया है कि आप जल्द से जल्द संबंधित ऑफिस जाकर या फिर ऑनलाइन ई-मित्र के जरिए अपना वैरिफिकेशन पूरा करा लें, ताकि आपकी पेंशन फिर से आने लगे।
विभाग ने बताया, ऐसा करने के पीछे का मकसद
विभाग की तरफ से कहा गया है कि इसके पीछे का मकसद अपात्र लाभार्थियों को पेंशन का लाभ मिलने से रोकना है। इसलिए जैसे ही ये लोग अपना वेरिफिकेशन करा लेंगे, उनकी बकाया पेंशन भी भेज दी जाएगी। विभाग ने फ्रॉड और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए इस तरह का कदम उठाया है। विभाग की तरफ से कैंपेन भी चलाया जा रहा है, ताकि लोगों को ज्यादा दिक्कत न हो।
मंत्री बोले- वैरिफिकेशन कराते ही शुरू हो जाएगी पेंशन
सामाजिक न्याय एवं अधिकरिता मंत्री अविनाश गहलोत ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन पाने वाले सभी लाभार्थियों से वार्षिक सत्यापन शीघ्र करवाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी लाभार्थी की पेंशन बंद नहीं की गई है। सत्यापन के अभाव में रोकी भी गई है तो वार्षिक सत्यापन के बाद पुनः आरंभ हो जाएगी।

लेखक के बारे में
Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।
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