
कथित वोट चोरी के खिलाफ राजस्थान कांग्रेस चलाएगी सिग्नेचर कैंपेन, कब से शुरू होगा?
संक्षेप: राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव और मीडिया प्रभारी स्वर्णिम चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के बजाय आम लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर कर रहा है।
राजस्थान कांग्रेस 15 सितंबर से 15 अक्टूबर तक कथित "वोट चोरी" के खिलाफ एक महीने लंबा सिग्नैचर कैंपेन चलाएगी। एक पार्टी पदाधिकारी ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव और मीडिया प्रभारी स्वर्णिम चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के बजाय आम लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर कर रहा है।

स्वर्णिम चतुर्वेदी ने कहा कि इस अभियान के तहत, जिला,ब्लॉक, मंडल और बूथ-स्तर की कांग्रेस समितियां अपने-अपने इलाकों में लोगों तक पहुंचेंगी और चुनाव आयोग की ओर से कथित अनियमितताओं के खिलाफ पार्टी की ओर से तैयार किए गए ज्ञापन पर हस्ताक्षर इकट्ठे करेंगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सभी जिला प्रभारियों और अध्यक्षों को अभियान की तैयारी के लिए सात दिनों के भीतर जिला कांग्रेस समितियों की बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के नेता और कार्यकर्ता समर्थन जुटाने के लिए घर-घर जाएंगे।
चतुर्वेदी ने आगे कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी लोकतंत्र की रक्षा और भाजपा की ओर से लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लगातार हो रहे हमलों का विरोध करने के लिए राष्ट्रव्यापी 'वोट चोर गद्दी छोड़' अभियान चला रही है। "वोट चोरी" का आरोप सबसे पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 7 अगस्त को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाया था। चुनावी सूचियों में अनियमितताओं का जिक्र करते हुए, नेता ने चुनाव आयोग पर सत्तारूढ़ पार्टी का पक्ष लेने का आरोप लगाया। चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।





