भीलवाड़ा में काट दिए गए पार्क में लगे 20 से ज्यादा पेड़, वजह कर रही लोगों को हैरान; विरोध भी काम ना आया
स्थानीय लोगों ने बताया कि पेड़ों पर अनेक पक्षी और गिलहरियां भी रहती थीं। अब पेड़ कटने से वे सभी बेसहारा होकर इधर-उधर भटक रहे हैं। महिला ने बताया कि गिलहरियों के बच्चों को तो कुत्ते पेड़ों से निकाल-निकाल कर खा जा रहे हैं।

एक तरफ पूरे राजस्थान में खेजड़ी के पेड़ों की कटाई के विरोध में लोगों का गुस्सा देखा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ भीलवाड़ा शहर में दिनदहाड़े 20 से ज्यादा पेड़ों को काटने या यूं कहें उन्हें कत्ल करने का मामला सामने आया है। क्योंकि उन्हें बिना किसी खास कारण से बेतुकी वजह बताकर कटवा गया। कटवाने वाले रसूखदार लोगों का कहना था कि इन पेड़ों की आड़ व छांव में लड़के-लड़कियां बैठते हैं, इसलिए इनका साफ होना जरूरी है। जबकि कई पर्यावरण प्रेमी इसका विरोध भी कर रहे थे, लेकिन पेड़ों को कटवाने वाले लोगों ने उनकी एक ना चलने दी। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला इस घटना पर दुख जताते हुए बता रही है कि उन्होंने पेड़ों को तने से काटने की बजाय उनकी छंटाई करने के लिए कहा भी था, लेकिन फिर भी उसकी एक ना सुनी गई।
हर साल ऊपर से होती थी पेड़ों की छंटाई
यह घटना शहर में आरके कॉलोनी के सी सेक्टर में हुई। जहां पर पार्क में लगे 20 से ज्यादा पेड़ों को सिर्फ इसलिए काट दिया गया क्योंकि इन पेड़ों की छांव में लड़के-लड़कियां आकर बैठते थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि पेड़ों की छंटाई तो हर साल होती थी, लेकिन इस दौरान सिर्फ उन्हें आसपास से ही छांटा जाता था और तनों को हाथ भी नहीं लगाया जाता था। लेकिन इस बार तो उन्हें तने से ही काट दिया गया।
शख्स बोला- कटवाया नहीं, सिर्फ छंटवाया है
इस घटना का जो वीडियो सामने आया है, उसमें स्थानीय लोग इस घटना को लेकर नाराजगी जताते हुए पेड़ कटवाने वाले शख्स का विरोध कर रहे हैं तो वह शख्स बेशर्मी से महिलाओं को धमकाता दिख रहा है और कह रहा है कि पेड़ काटे नहीं हैं सिर्फ उनकी छंटाई की गई है और इससे पार्क अब चारों तरफ से खुला नजर आ रहा है। उसका कहना था कि उसको इस बारे में बहुत सी शिकायतें मिल रही थीं इसलिए उसने यह काम करवाया। हालांकि पूछने पर वह यह नहीं बता सका कि किसकी शिकायतों पर उसने पेड़ों को कटवा दिया।
महिला विनती करती रह गई कि तने से मत काटो
इस बारे में जानकारी देते हुए पर्यावरण प्रेमी सरिता दोशी ने बताया कि 'पार्क में लगे सभी पेड़ लगभग 25 से 30 फीट के थे, और अब उन्हें काटकर सिर्फ 4 से 5 फीट का तना छोड़ दिया गया है। उन्होंने बताया कि जब उन पेड़ों को काटा जा रहा था, तो उस वक्त उन्होंने इन्हें कटवा रहे लोगों को रोकने की बहुत कोशिश की थी, उनके हाथ तक जोड़े थे और विनती की थी आप इन्हें मत काटो, आपको छंटाई करना है तो ऊपर से छंटाई करवा दो, टहनिया काट दो, लेकिन तने को मत काटो। लेकिन उन्होंने मेरी एक ना सुनी।' इलाके में रहने वाले ओमजी पाराशर और जाकेटिया परिवार के सदस्यों पर इन पेड़ों को कटवाने का आरोप लगा है।
गिलहरी के बच्चों को पेड़ों से निकालकर खा रहे कुत्ते
आगे महिला ने बताया कि इन पेड़ों के काटने से सिर्फ पर्यावरण का ही नुकसान नहीं हुआ, बल्कि इन पेड़ों पर अनेक पक्षी और गिलहरियां भी रहती थीं। अब पेड़ कटने से वे सभी बेसहारा होकर इधर-उधर भटक रहे हैं। महिला ने बताया कि 'गिलहरियों के बच्चों को तो कुत्ते पेड़ों से निकाल-निकाल कर खा जा रहे हैं। ये जो प्रकृति का नुकसान हुआ है उसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता, ये जीवन देकर भी पूरी नहीं की जा सकती।'
लेखक के बारे में
Sourabh Jainसौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: सौरभ जैन भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक हिस्सा हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 16 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट सेक्शन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे पिछले लगभग तीन सालों से यहां कार्यरत हैं। सौरभ का करियर टीवी मीडिया से शुरू होकर डिजिटल मीडिया की गतिशीलता तक फैला हुआ है, जो उन्हें खबरों को गहराई और सटीकता के साथ प्रस्तुत करने में सक्षम बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और कार्य अनुभव
सौरभ ने बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री लेने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पोस्ट ग्रेजुएशन का कोर्स किया। इस क्षेत्र में साल 2009 से सक्रिय होने के बाद सौरभ ने पहले टीवी के क्षेत्र में अलग-अलग डेस्क पर कार्य अनुभव लिया, इस दौरान उन्होंने टिकर डेस्क से शुरुआत करने के बाद न्यूज डेस्क में कॉपी राइटिंग का अनुभव हासिल किया, इस दौरान क्षेत्रीय विषयों से लेकर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर खबरें लिखीं। इसके बाद उन्हें बॉलीवुड और हेल्प-लाइन डेस्क में भी काम करने का मौका मिला। हेल्प लाइन डेस्क में काम करने के दौरान उन्हें स्वास्थ्य, करियर और आम लोगों से जुड़े कई विषयों को जानने व समझने का मौका मिला।
इसके बाद साल 2016 में उन्होंने डिजिटल मीडिया की दुनिया में कदम रखा और स्पोर्ट्स डेस्क के साथ शुरुआत की। सौरभ ने अपने करियर की शुरुआत ZEE24 छत्तीसगढ़ न्यूज चैनल से की थी। इसके बाद वे IBC24 और दैनिक भास्कर जैसी संस्थाओं में भी सेवाएं दे चुके हैं। सौरभ साल 2023 से लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हुए हैं और यहां पर स्टेट डेस्क में कार्यरत हैं। सौरभ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहने वाले हैं और उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई और ग्रेजुएशन दोनों यहीं से किया है। इसके बाद उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली है।
सौरभ जैन का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी सही तथ्यों व आसान भाषा में पाठकों तक खबरें पहुंचाना है। इस काम में तेजी जितनी जरूरी है, सटीकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। फिर चाहे वह आम जीवन की खबरें हों, राजनीति की खबरें हों, खेल की खबरें हों या फिर चकाचौंध से भरे बॉलीवुड की खबरें हों। कोई भी खबर सही तथ्यों के साथ रीडर्स तक पहुंचनी चाहिए। हड़बड़ी में तथ्यों की पुष्टि ना होने पर गलत जानकारी पाठकों तक पहुंचने का खतरा बना रहता है। इसलिए सौरभ का मानना है कि पत्रकारिता का मतलब केवल पाठकों तक सूचना पहुंचाना ही नहीं, बल्कि सही और निष्पक्ष जानकारी पहुंचाते हुए उनकी बुद्धिमत्ता और विवेक को भी जागृत करना होता है।


