राजस्थान में महंत को मौत के घाट उतारा, गांव में तनाव; हिंदू संगठनों में आक्रोश

लाइव हिन्दुस्तान, कोटा
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राजस्थान में एक मठ के महंत को मौत के घाट उतार दिया गया। अज्ञात हमलावरों ने इस घटना को अंजाम दिया है। इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। वहीं, हिंदू संगठनों में आक्रोश देखा जा रहा है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

राजस्थान में महंत को मौत के घाट उतारा, गांव में तनाव; हिंदू संगठनों में आक्रोश

राजस्थान के कोटा जिले जिले में देर रात को अज्ञात बदमाशों ने मठ के परिसर में सो रहे एक महंत की निर्मम हत्या कर दी। वारदात की सूचना के बाद पूरे गांव में तनाव जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। वहीं सूचना मिलने के बाद बोरखेड़ा सहित अन्य थानों की पुलिस भी मौके पर पहुंची। मौके पर से पुलिस ने कई साक्षे भी जुटाए हैं। साथ ही मठ परिसर में लग रहे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले हैं। वहीं पुलिस ने मृतक महंत के शव को मोर्चरी में रखवा दिया है।

कमरे में सो रहे थे महंत

ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि महंत देवानंद महाराज चन्द्रेसल मठ परिसर के भीतर अपने कक्ष में सो रहे थे। तभी अज्ञात हमलावर मठ के भीतर दाखिल हुए और उन्होंने सीधे महंत के शरीर पर चाकू और अन्य धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर दिया। सामने यह भी आया है कि महंत और पुजारी दोनों अलग-अलग कमरे में सो रहे थे।

पहले हमलावरों ने पुजारी के कमरे के गेट को बाहर से बंद कर दिया। जिसके बाद महंत के कमरे में जाकर उन पर चाकू से हमला कर दिया। वही महंत के चिल्लाने की आवाज सुनकर मठ के अंदर ही मौजूद अन्य सेवादार उनकी मदद के लिए दौड़े। तब तक हमलावर वारदात को अंजाम देकर मौके से भाग चुके थे।

हिंदू संगठनों में आक्रोश

महंत की निर्मम हत्या के बाद हिंदू संगठनों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। तो दूसरी तरफ चन्द्रेसल और आसपास के गांव में तनाव जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए चंद्रेसल गांव और जिला अस्पताल की मोर्चरी के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रहे। कोटा पुलिस के आला अधिकारियों ने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है।

वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के लिए 3 विशेष टीमों का गठन किया गया है। पुलिस का कहना है कि उनके हाथ कुछ महत्वपूर्ण सुराग लगे हैं और बहुत जल्द ही इस पूरी साजिश और हत्याकांड का पर्दाफाश करके आरोपियों को कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।

शांत स्वभाव के व्यक्ति थे महंत देवानंद महाराज

ग्रामीणों का कहना है कि महंत देवानंद महाराज काफी शांत किया और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे। उनकी किसी से कोई दुश्मनी भी नहीं थी। हालांकि संभावना यह भी है कि उनकी पहले किसी से कहासुनी हो चुकी थी। वहीं मौके की स्थिति को देखते हुए किसी भी तरह की कोई लूटपाट की संभावना अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में हमलावरों को पकड़ना पुलिस के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन गई है। महंत देवानंद महाराज लंबे समय से यहां की धार्मिक व्यवस्थाएं संभाल रहे थे।

Subodh Kumar Mishra

लेखक के बारे में

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सुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।

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