देर रात तक खुलनी चाहिए शराब की दुकानें; इसके लिए कहां भाजपा-कांग्रेस के विधायक साथ
संक्षेप: शराब की दुकानें रात 8 बजे ही बंद ना हो, बल्कि इन्हें 10-11 बजे तक खोलने की इजाजत दी जाए। ऐसी मांग 8 भाजपा विधायकों ने राजस्थान सरकार से की है। दिलचस्प बात यह है यही मांग कांग्रेस के भी कुछ विधायकों ने की है।
शराब की दुकानें रात 8 बजे ही बंद ना हो, बल्कि इन्हें 10-11 बजे तक खोलने की इजाजत दी जाए। ऐसी मांग 8 भाजपा विधायकों ने राजस्थान सरकार से की है। दिलचस्प बात यह है यही मांग कांग्रेस के भी कुछ विधायकों ने की है। विधानसभा में भाजपा के चीफ व्हिप जोगेश्वर गर्ग समेत भाजपा के 8 विधायकों, कांग्रेस के दो मौजूदा विधायकों और एक पूर्व एमएलए ने यह गुजारिश सरकार से की है। कुछ चाहते हैं कि ठेके रात 10 बजे तक खुले तो कुछ ने मांग की है कि 11 बजे तक खोलने की इजाजत दी जाए। राजस्थान में अभी शराब की दुकानें सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक खुलती हैं।
भाजपा के जिन विधायकों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लेटर लिखा है उनमें अर्जुन लाल जिंगर, राधेश्याम बैरवा, पुष्पेंद्र सिंह, शोभा चौहान, हमीर सिंह भयाल, सामाराम गरासिया, गोविंद्र प्रसाद शामिल हैं। वहीं, कांग्रेस के विधायक सुरेश गुर्जर और दीन दयाल बैरवा भी ऐसा ही चाहते हैं। पूर्व कांग्रेस विधायक हगामी लाल मेवाड़ा ने भी मुख्यमंत्री को खत लिखकर यह अपील की है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक गर्ग ने लेटर में लिखा है, 'क्योंकि शराब की दुकानें रात 8 बजे बंद हो जाती हैं। तब लोग दफ्तर, दुकानों से काम करके आते हैं। तब तक दुकानें बंद हो जाती हैं। दुकानों के बाहर भारी भीड़ हो जाती है जिससे कानून व्यवस्था की समस्या पैदा होती है।' उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग रात 8 बजे तक शराब नहीं खरीद पाते हैं वे अवैध, मिलावटी या घटिया गुणवत्ता की शराब खरीदते हैं। वे ड्रग्स आदि के जाल में भी फंसते हैं जो खतरनाक चलन है। इन वजहों से शराब ठेकेदारों को भी नुकसान होता है और राज्य सरकार को भी राजस्व नहीं मिलता है।
भाजपा विधायक की ओर से दलील दी गई है कि पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में शराब की दुकानें रात 11.30 या 12 बजे तक खुलती हैं। इसलिए राजस्थान में भी ठेकों को रात 10 बजे तक खुलने की इजाजत दी जाए।





