टोंक में आखिर ये क्या हुआ,घड़ा निकला, भीड़ बेकाबू हुई, फिर जेसीबी चली
टोंक जिले के निवाई थाना क्षेत्र के सीदड़ा गांव की चारागाह भूमि पर मिले रहस्यमयी घड़े के बाद इलाके में सनसनी का माहौल बना हुआ है। प्रशासन की मौजूदगी में खुदाई के बाद घड़ा मिलने की घटना के बाद अब ग्रामीणों द्वारा चोरी-छिपे खजाना तलाशने का मामला सामने आया है।

टोंक जिले के निवाई थाना क्षेत्र के सीदड़ा गांव की चारागाह भूमि पर मिले रहस्यमयी घड़े के बाद इलाके में सनसनी का माहौल बना हुआ है। प्रशासन की मौजूदगी में खुदाई के बाद घड़ा मिलने की घटना के बाद अब ग्रामीणों द्वारा चोरी-छिपे खजाना तलाशने का मामला सामने आया है। आरोप है कि रविवार देर रात कुछ लोग जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचे और घड़े वाली जगह सहित आसपास के इलाके में गुपचुप तरीके से खुदाई करते रहे।
ग्रामीणों के अनुसार, सोमवार सुबह जब लोग चारागाह भूमि पर पहुंचे तो वहां हालात बदले हुए मिले। जिस गड्ढे से शनिवार को प्रशासन की खुदाई के दौरान घड़ा निकला था, उसे दोबारा जेसीबी से खोदा गया था। इसके अलावा, घड़े वाले स्थान से करीब 50 फीट की दूरी पर एक और करीब 6 फीट गहरा गड्ढा किया गया था। पूरे इलाके में जेसीबी के टायरों के स्पष्ट निशान नजर आए, जिससे अंदेशा जताया जा रहा है कि रात के अंधेरे में भारी मशीन से खुदाई की गई।
बताया जा रहा है कि शनिवार को घड़ा मिलने के बाद प्रशासन ने करीब 15 फीट गहरे गड्ढे को मिट्टी से भरवा दिया था, लेकिन मौके पर किसी पुलिसकर्मी या सुरक्षा गार्ड की तैनाती नहीं की गई। इसी का फायदा उठाकर अज्ञात लोग रात के समय वहां पहुंचे और दोबारा खुदाई कर डाली। ग्रामीणों में चर्चा है कि चारागाह भूमि में कहीं और भी धन गड़ा हो सकता है, जिसे निकालने के लिए चोरी-छिपे प्रयास किए जा रहे हैं।
इस पूरे मामले को लेकर निवाई तहसीलदार नरेश गुर्जर ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि राजकीय भूमि पर बिना सरकारी अनुमति के कोई भी खुदाई नहीं कर सकता। यदि किसी व्यक्ति या समूह द्वारा अवैध खुदाई की गई है तो इसकी जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि जेसीबी किसकी थी और रात में खुदाई करने वाले लोग कौन थे।
खजाने की अफवाह से पहले भी मची थी लूट
गौरतलब है कि 3 जनवरी की शाम करीब साढ़े पांच बजे ग्रामीणों ने प्रशासन को सूचना दी थी कि सीदड़ा गांव की चारागाह भूमि पर फूल चढ़े हुए हैं और धूप-बत्ती जली हुई है। ग्रामीणों को आशंका थी कि वहां कोई तांत्रिक साधना या कोई संदिग्ध गतिविधि हुई है, यहां तक कि किसी शव के दबे होने की भी चर्चा होने लगी थी। जैसे-जैसे यह खबर फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुटने लगे।
सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंची। करीब 30 से 40 मिनट तक चली खुदाई के दौरान जब गड्ढे में एक घड़ा दिखाई दिया तो वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण ‘धन है, धन है’ चिल्लाने लगे और घड़े पर टूट पड़े। हालात ऐसे हो गए कि लोग घड़े के अंदर मौजूद सामान को देखने और निकालने के लिए धक्का-मुक्की करने लगे। इस भीड़ में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग तक शामिल थे। बाद में पुलिस और प्रशासन ने किसी तरह स्थिति संभालते हुए घड़े को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया।
आज पहुंचेगी पुरातत्व विभाग की टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने पुरातत्व विभाग से संपर्क किया है। कलेक्टर कल्पना अग्रवाल ने बताया कि पुरातत्व विभाग के अधिकारियों से बात हो चुकी है और टीम के सोमवार को मौके पर पहुंचने की संभावना है। पुरातत्व विभाग की टीम घड़े की जांच करेगी और यह पता लगाएगी कि घड़ा किस धातु का है तथा उसके भीतर क्या मौजूद है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
फिलहाल रहस्यमयी घड़े और अवैध खुदाई की घटनाओं ने पूरे इलाके में दहशत और कौतूहल का माहौल बना दिया है। ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं, वहीं प्रशासन अब सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने की तैयारी में जुट गया है।
लेखक के बारे में
Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।
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