राजस्थान को मिलेगा नया हवाई तोहफा, 7 मार्च को कोटा-बूंदी ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास
राजस्थान को जल्द ही एक और आधुनिक हवाई अड्डे की सौगात मिलने जा रही है। प्रस्तावित कोटा-बूंदी ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास 7 मार्च को किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण परियोजना की आधारशिला राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा रखेंगे।

राजस्थान को जल्द ही एक और आधुनिक हवाई अड्डे की सौगात मिलने जा रही है। प्रस्तावित कोटा-बूंदी ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास 7 मार्च को किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण परियोजना की आधारशिला राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा रखेंगे। सरकार इसे हाड़ौती क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मान रही है। एयरपोर्ट के निर्माण से कोटा और बूंदी सहित आसपास के जिलों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
तैयारियों का जायजा, व्यवस्थाओं को लेकर सख्त निर्देश
शिलान्यास कार्यक्रम से पूर्व सोमवार को राज्य के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने शंभुपुरा स्थित प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित विभागों और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों से तैयारियों की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने आयोजन में किसी भी प्रकार की कमी न रहे, इसके लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मंत्री ने कार्यक्रम स्थल के समीप बनाए जा रहे हेलीपैड का भी अवलोकन किया। वीवीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और तकनीकी प्रबंधों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत सभी इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं ताकि कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
आमजन की सुविधा को प्राथमिकता
ऊर्जा मंत्री ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की संभावित उपस्थिति को देखते हुए आमजन की सुविधाओं पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संपर्क मार्गों की स्थिति की समीक्षा की और बसों के रूट चार्ट की जानकारी ली। कार्यक्रम के दिन यातायात व्यवस्था बाधित न हो, इसके लिए पार्किंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट की विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि आयोजन स्थल तक पहुंचने वाले सभी मार्गों को दुरुस्त किया जाए और आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक मार्ग भी निर्धारित किए जाएं। प्रशासन को निर्देश दिए गए कि कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो और लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मंच, डोम और बैठने की व्यवस्थाओं की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान मुख्य मंच, विशाल डोम और आमजन के बैठने की व्यवस्थाओं की भी बारीकी से समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोजन स्थल पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराया जाए ताकि धूल से बचाव हो सके। इसके अलावा पीने के स्वच्छ पानी और चल शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
सुरक्षा इंतजामों पर विशेष फोकस
प्रभारी मंत्री ने कोटा और बूंदी दोनों जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था पर भी चर्चा की। बैरिकेडिंग, पुलिस जाब्ते की तैनाती और भीड़ नियंत्रण को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल पर सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह चाक-चौबंद रहनी चाहिए।
इस दौरान कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा, केशोरायपाटन की पूर्व विधायक चन्द्रकांता मेघवाल, शहर जिलाध्यक्ष राकेश जैन, संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल, कोटा जिला कलेक्टर पीयूष समारिया, बूंदी जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा और बूंदी जिला पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र कुमार मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगा नया आयाम
प्रस्तावित कोटा-बूंदी ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट को हाड़ौती क्षेत्र की आर्थिक और औद्योगिक संभावनाओं को नई उड़ान देने वाला माना जा रहा है। इससे निवेश को बढ़ावा मिलने, पर्यटन को गति मिलने और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है। कोटा पहले से ही शिक्षा नगरी के रूप में देशभर में प्रसिद्ध है, ऐसे में एयर कनेक्टिविटी बेहतर होने से देश-विदेश से आने वाले विद्यार्थियों और पर्यटकों को सीधा लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट बनने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और उद्योगों को भी नई ऊर्जा मिलेगी। 7 मार्च को होने वाला शिलान्यास कार्यक्रम न केवल एक निर्माण परियोजना की शुरुआत होगा, बल्कि हाड़ौती के विकास की नई इबारत भी लिखेगा।
लेखक के बारे में
Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।
सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।
शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।
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