कोटा में VIP विजिट का हवाला देकर बदला बेड, मरीज की मौत के बाद अस्पताल में हंगामा
मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जानकारी के अनुसार रामपुरा निवासी 70 वर्षीय असर सिंह को लकवे की शिकायत के बाद न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था।

कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती एक मरीज की मौत के बाद गुरुवार को जमकर हंगामा हो गया। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दावा किया कि वीआईपी विजिट का हवाला देकर मरीज का बेड बदल दिया गया, जिसके बाद उसे समय पर इलाज नहीं मिला और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और अस्पताल स्टाफ के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो हाथापाई तक पहुंच गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने हंगामा कर रहे एक युवक को हिरासत में भी लिया।
मरीज की मौत के बाद अस्पताल में बढ़ा तनाव
घटना के विरोध में अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों ने भी नाराजगी जताई और करीब तीन घंटे तक काम बंद रखा। डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि ड्यूटी के दौरान उनके साथ मारपीट की गई और आईसीयू में तोड़फोड़ की गई। वहीं परिजनों का कहना है कि अस्पताल की लापरवाही के कारण मरीज की जान गई और विरोध करने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
अस्पताल प्रशासन ने डॉक्टरों पर हमले का लगाया आरोप
अस्पताल अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा ने बताया कि रेजिडेंट डॉक्टरों की ओर से लिखित शिकायत दी गई है। शिकायत के अनुसार गुरुवार सुबह रेजिडेंट डॉक्टर वार्ड में राउंड पर थे। इसी दौरान आईसीयू में भर्ती एक मरीज की मौत हो गई। मरीज की मौत के बाद उसके परिजन आक्रोशित हो गए और उन्होंने रेजिडेंट डॉक्टर अर्पित सिंघल (मेडिसिन) सहित अन्य डॉक्टरों के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। आरोप है कि परिजनों ने आईसीयू में तोड़फोड़ भी की।
‘डॉक्टर अर्पित का मरीज के इलाज से नहीं था संबंध’
डॉ. शर्मा ने कहा कि जिस मरीज की मौत हुई, वह दूसरी यूनिट में भर्ती था और डॉक्टर अर्पित सिंघल का उसके उपचार से कोई संबंध नहीं था। इसके बावजूद आक्रोशित परिजनों ने उन्हें निशाना बनाया। अस्पताल प्रशासन ने मामले में उचित कार्रवाई की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई है।
लकवा और निमोनिया से पीड़ित था मरीज
वहीं दूसरी ओर मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जानकारी के अनुसार रामपुरा निवासी 70 वर्षीय असर सिंह को लकवे की शिकायत के बाद न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। परिजनों का कहना है कि मरीज को निमोनिया की भी शिकायत थी और उसका इलाज चल रहा था।
‘VIP विजिट’ के लिए बेड बदलने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि देर रात अस्पताल स्टाफ ने वीआईपी विजिट का हवाला देते हुए असर सिंह को आईसीयू के बेड नंबर-1 से हटाकर बेड नंबर-16 पर शिफ्ट कर दिया। उनका कहना है कि बेड बदलने के बाद मरीज की समुचित निगरानी नहीं हुई और उसकी हालत लगातार बिगड़ती रही।
इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप
परिजनों का आरोप है कि गुरुवार सुबह जब मरीज की तबीयत ज्यादा खराब हुई तो उन्होंने अस्पताल स्टाफ को कई बार जानकारी दी, लेकिन किसी ने समय पर ध्यान नहीं दिया। उनका कहना है कि इलाज में लापरवाही के कारण मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध जताने पर अस्पताल कर्मियों ने उनके साथ बदतमीजी की और मारपीट भी की।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, जांच शुरू
मरीज की मौत के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। परिजनों के हंगामे के कारण अस्पताल की व्यवस्था भी प्रभावित हुई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रेजिडेंट डॉक्टरों ने तीन घंटे किया कार्य बहिष्कार
इधर, रेजिडेंट डॉक्टरों ने ड्यूटी के दौरान सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि अस्पताल में डॉक्टरों के साथ मारपीट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे भय का माहौल बन रहा है। डॉक्टरों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। विरोध स्वरूप उन्होंने करीब तीन घंटे तक कार्य का बहिष्कार किया, जिसके बाद प्रशासन के आश्वासन पर सेवाएं दोबारा शुरू कर दी गईं।
दोनों पक्षों के आरोपों की होगी जांच
फिलहाल मरीज की मौत को लेकर लगाए गए लापरवाही के आरोपों और डॉक्टरों के साथ मारपीट के दावों की जांच जारी है। पुलिस और अस्पताल प्रशासन दोनों ही पक्षों के बयान दर्ज कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मरीज की मौत किन परिस्थितियों में हुई और बेड बदलने तथा इलाज में लापरवाही के आरोपों में कितनी सच्चाई है।
इनपुट- योगेन्द्र महावर


