
चुनावी सरगर्मी के बीच जब्ती का आंकड़ा चौंकाने वाला! जानिए अंता में कितना जब्त हुआ कैश और कितनी शराब मिली
संक्षेप: अंता विधानसभा उपचुनाव जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे चुनावी माहौल गरमाता जा रहा है। एक ओर प्रशासन और चुनाव आयोग मतदाताओं को प्रलोभन से बचाने के लिए सख्त कदम उठा रहे हैं
अंता विधानसभा उपचुनाव जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे चुनावी माहौल गरमाता जा रहा है। एक ओर प्रशासन और चुनाव आयोग मतदाताओं को प्रलोभन से बचाने के लिए सख्त कदम उठा रहे हैं, तो दूसरी ओर प्रत्याशी और दल आखिरी दम तक ताकत झोंकने में जुटे हैं। आयोग की कार्रवाई ने अब तक इस चुनाव को सुर्खियों में ला दिया है — आचार संहिता लागू होने के बाद से अब तक कुल 21 करोड़ 21 लाख रुपए की जब्ती हुई है, जिसमें नशा, शराब, नकदी और फ्रीबीज़ शामिल हैं।

चुनाव आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 20.55 करोड़ रुपए मूल्य के फ्रीबीज़ और अन्य सामग्री जब्त की गई है। इसके अलावा अवैध शराब 19.27 लाख रुपए की और अन्य नशीले पदार्थ 35.46 लाख रुपए के पकड़े गए हैं। वहीं, नकद राशि 11.34 लाख रुपए भी जब्त की गई है। इतनी भारी मात्रा में जब्ती होने से यह साफ है कि उपचुनाव में मतदाताओं को प्रभावित करने के प्रयास लगातार जारी हैं।
आयोग ने बताया कि मतदान 11 नवंबर को होगा और उससे पहले 10 नवंबर को मतदान दलों का अंतिम प्रशिक्षण और रवानगी होगी। मतदान के बाद ईवीएम जमा कराने के लिए 6 काउंटर बनाए गए हैं, जिनमें एक विशेष काउंटर महिला और दिव्यांग कर्मियों के लिए आरक्षित रहेगा। सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रखने के लिए तीन स्ट्रॉन्ग रूम तैयार किए गए हैं, जिन पर 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी रखी जाएगी।
अब जैसे-जैसे मतदान का समय नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे साइलेंस पीरियड का नियम भी लागू होने जा रहा है। 10 नवंबर से किसी भी पार्टी या प्रत्याशी को प्रचार की अनुमति नहीं होगी। न तो सोशल मीडिया, न मोबाइल संदेशों के माध्यम से अपील की जा सकेगी। चुनावी शोर थमने के साथ ही उम्मीदवारों के चेहरे पर चिंता की लकीरें भी साफ दिख रही हैं।
अंता में इस बार मुकाबला त्रिकोणीय माना जा रहा है — भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में डटे हुए हैं। कुल 15 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, लेकिन असली जंग तीन के बीच सिमटती नजर आ रही है। जहां भाजपा अपने संगठन और नेतृत्व के दम पर चुनाव जीतने का दावा कर रही है, वहीं कांग्रेस किसान और जनहित के मुद्दों को सामने रखकर जनता को लुभाने की कोशिश में है।
भाजपा की वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने शुक्रवार को कोयला और अंता नगर मंडल की बैठकों में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “विकास की बहती गंगा में हाथ धोने का समय आ गया है। भाजपा प्रत्याशी मोरपाल सुमन को जिताएं, ताकि विकास के रास्ते खुलें। भाजपा को वोट देने का मतलब एक वोट में दो सरकारें — केंद्र और राज्य — और तीन जनप्रतिनिधि — मैं, सांसद और विधायक — पाना है।”
वसुंधरा ने जनता से अपील करते हुए कहा कि यह चुनाव “स्थानीय बनाम बाहरी” का है। भाजपा को वोट देना विकास को वोट देना है। उनके भाषण के दौरान कार्यकर्ताओं में जोश देखने लायक था।
वहीं, कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने शुक्रवार को कई गांवों में जनसंपर्क कर भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के खिलाफ तीन काले कानून लाना चाहती थी, जिन्हें किसानों के संघर्ष और एक हजार से ज्यादा किसानों की कुर्बानी के बाद वापस लेना पड़ा। जूली ने मतदाताओं से कहा कि भाजपा के वादों पर भरोसा करने की गलती दोबारा न करें।
अंता उपचुनाव का मतदान 11 नवंबर को और मतगणना 14 नवंबर को होगी। प्रशासन ने सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर पूरी तैयारी कर ली है। भारी जब्ती, बढ़ती सियासी बयानबाजी और साइलेंस पीरियड से ठीक पहले की रैलियों ने इस चुनाव को रोमांचक बना दिया है।

लेखक के बारे में
Sachin Sharmaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




