कोटा के सरकारी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद 2 और महिलाओं की तबीयत बिगड़ी, 3 सस्पेंड

Krishna Bihari Singh भाषा, कोटा
Follow us on Google News
share

कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद संक्रमण फैलने से 2 महिलाओं की मौत हो गई और कई गंभीर हैं। लापरवाही बरतने पर सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए एक डॉक्टर और 2 नर्सों को सस्पेंड और एक संविदा डॉक्टर को बर्खास्त कर दिया है। 

कोटा के सरकारी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद 2 और महिलाओं की तबीयत बिगड़ी, 3 सस्पेंड

राजस्थान के कोटा स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। अस्पताल में प्रसव के बाद कई महिलाएं गंभीर संक्रमण की चपेट में आ गईं जिनमें से दो की मौत हो चुकी है। हाल ही में शिरीन और किरण नाम की 2 और महिलाओं की स्थिति बिगड़ने पर परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर उन्हें जबरन निजी अस्पताल भेजने का आरोप लगाया है। वर्तमान में कई महिलाओं की हालत गंभीर बनी हुई है और उनको लाइफ सपोर्ट पर रखा गया है। संक्रमण के कारण मरीजों के गुर्दे प्रभावित हुए हैं और प्लेटलेट्स गिर रहे हैं।

राज्य सरकार ने कोटा स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 'सिजेरियन ऑपरेशन' के बाद प्रसूताओं की मौत और तबीयत बिगड़ने के मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए त्वरित और सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की है। सरकार ने एक वरिष्ठ चिकित्सक और दो नर्सिंगकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। वहीं, एक संविदा चिकित्सक को बर्खास्त और दो अन्य चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

जांच कर सख्त कार्रवाई के आदेश

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मामले में निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने उपचाराधीन प्रसूताओं को बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में चिकित्सा प्रोटोकॉल और प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही सामने आने पर जनरल सर्जरी विभाग के सह आचार्य डॉ. नवनीत कुमार को निलंबित कर दिया गया है।

डॉक्टर और दो कर्मचारी सस्पेंड

वहीं, यूटीबी पर कार्यरत सहायक आचार्य डॉ. श्रद्धा उपाध्याय (संविदाकर्मी) को बर्खास्त कर दिया गया है। ड्यूटी पर तैनात वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी गुरजोत कौर और निमेश वर्मा को भी कार्य में लापरवाही, चिकित्सा प्रोटोकॉल की अनुपालना में कमी और मरीजों की निगरानी में शिथिलता के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनका मुख्यालय जयपुर कर दिया गया है।

स्त्री रोग विभाग से जवाब तलब

चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के यूनिट हेड डॉ. बीएल पाटीदार और डॉ. नेहा सीहरा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी, उपचार प्रक्रिया की निगरानी, ऑपरेशन के बाद की देखभाल और समन्वय व्यवस्था में संभावित लापरवाही के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है। चिकित्सा मंत्री के निर्देश पर चिकित्सा शिक्षा आयुक्त बाबूलाल गोयल शुक्रवार को कोटा पहुंचे और घटनाक्रम की विस्तृत समीक्षा की।

अस्पताल को प्रोटोकॉल में सुधार करने के निर्देश

प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि अस्पताल प्रशासन को ऑपरेशन थिएटर प्रबंधन, एनेस्थीसिया प्रोटोकॉल, दवा वितरण प्रणाली और ऑपरेशन के बाद की निगरानी व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि मरीजों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्य सरकार ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद दोषी पाए जाने वाले सभी अधिकारियों, चिकित्सकों और कार्मिकों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

संक्रमण की चपेट में दो और महिलाएं

उल्लेखनीय है कि कोटा में सरकारी न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के स्त्री रोग वार्ड में दो और महिलाएं शिरीन और किरण संक्रमण की चपेट में आ गई हैं। परिवार वालों का आरोप है कि हालत बिगड़ने पर मरीजों को निजी अस्पताल ले जाने के लिए मजबूर किया गया। अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद 4 महिलाओं में से 3 की हालत गंभीर है। पांच महीने की गर्भवती शिरीन का 6 मई को ऑपरेशन हुआ था लेकिन बाद में रक्तस्राव और कम रक्तचाप के कारण उसे संक्रमण हो गया।

दो की मौत

शिरीन के चाचा ने बताया कि डॉक्टरों ने उसे जबरन निजी अस्पताल भेज दिया और अब वह लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर है। दूसरी महिला किरण को भी सरकारी अस्पताल से छुट्टी देकर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसी बीच 4 मई को ऑपरेशन कराने वाली तीन अन्य महिलाओं की हालत भी नाजुक बनी हुई है। इनमें से धन्नू की हालत सबसे ज्यादा गंभीर है और उसके बच्चे को ऑक्सीजन पर रखा गया है। सोमवार को हुए 12-13 ऑपरेशनों के बाद कई महिलाओं की तबीयत बिगड़ी थी जिनमें से पायल और ज्योति की मौत हो चुकी है।

Krishna Bihari Singh

लेखक के बारे में

Krishna Bihari Singh

कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )


संक्षिप्त विवरण

कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।

रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।

पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, Rajasthan News, Jaipur News, Jodhpur News, Alwar News, Ajmer News, Udaipur News और Kota News पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।