वोट नहीं दिया तो मकान-दुकानें टूटेंगी; राजस्थान में BJP विधायक ने जनता को दे डाली ये नसीहत
वायरल वीडियो में विधायक हरि सिंह रावत वार्ड 15 के लोगों को संबोधित करते हुए कहते सुनाई दे रहे हैं- ‘मेरा आदमी नहीं जीता तो आप देख लेना। फिर मेरे पास शिकायत लेकर मत आना कि गरीब आदमी है। दुकान क्यों तोड़ रहे हो, खाली क्यों करवा रहे हो।’
चुनाव में वोट मांगने के लिए नेता अक्सर विकास के वादे करते हैं, लेकिन राजस्थान के भीम से बीजेपी विधायक हरि सिंह रावत का एक वीडियो सामने आने के बाद सियासत गरमा गई है। वीडियो में विधायक वार्ड के लोगों को यह कहते नजर आ रहे हैं कि अगर उनका आदमी चुनाव नहीं जीता तो बाद में मकान-दुकानें टूटने पर उनके पास शिकायत लेकर मत आना। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि उनके वार्ड से दूसरा व्यक्ति जीत गया तो विकास की उम्मीद मत करना।
वीडियो सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या चुनाव में वोट न देने पर कार्रवाई का डर दिखाया जा रहा था? हालांकि, विधायक ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है।
मामला 8 सितंबर का बताया जा रहा है। इसका वीडियो बुधवार को सामने आया। खास बात यह है कि भीम नगर पालिका और राजसमंद नगर परिषद में 11 सितंबर को मतदान होना है। ऐसे में मतदान से ठीक पहले सामने आए इस वीडियो ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है।
‘मेरा आदमी नहीं जीता तो मेरे पास शिकायत लेकर मत आना’
वायरल वीडियो में विधायक हरि सिंह रावत वार्ड 15 के लोगों को संबोधित करते हुए कहते सुनाई दे रहे हैं- ‘मेरा आदमी नहीं जीता तो आप देख लेना। फिर मेरे पास शिकायत लेकर मत आना कि गरीब आदमी है। दुकान क्यों तोड़ रहे हो, खाली क्यों करवा रहे हो।’
इसके बाद विधायक लोगों से 11 तारीख को 'फूल' का बटन दबाने की अपील करते हैं। वे कहते हैं कि तभी विकास होगा।
वीडियो में विधायक यह भी कहते सुनाई दे रहे हैं कि अगर उनके वार्ड में दूसरा कोई आ गया तो विकास की उम्मीद नहीं करना। उनके खिलाफ जाने वालों के 'कच्चे-चिट्ठे' खुलने की बात भी वीडियो में कही गई है। यही हिस्सा अब राजनीतिक चर्चा का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है।
'कान खोलकर सुन लेना...' बयान ने बढ़ाई बेचैनी
वीडियो में विधायक की भाषा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। वे लोगों से कहते हैं कि वोट नहीं दिया तो मकान और दुकानें टूटेंगी, ‘कान खोलकर सुन लेना, फिर मुझे मत कहना।’
चुनावी समय में किसी जनप्रतिनिधि के इस तरह के बयान ने इलाके के मतदाताओं के बीच चर्चा छेड़ दी है। एक तरफ वोट को विकास से जोड़ने की बात है, तो दूसरी तरफ कार्रवाई की चेतावनी जैसी भाषा सुनाई दे रही है। यही वजह है कि वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
विधायक बोले- अवैध निर्माण की कार्रवाई की बात कर रहा था
हालांकि, विधायक हरि सिंह रावत ने अपने बयान को लेकर सफाई दी है। उनका कहना है कि वीडियो को संदर्भ से काटकर पेश किया गया है।
रावत ने कहा कि वे उन दुकानों की बात कर रहे थे, जिन्हें पूर्व विधायक ने बनाकर करीब 10-10 लाख रुपए में बेच दिया था। बीजेपी का बोर्ड बनने के बाद ऐसे निर्माणों पर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका इशारा पशु चिकित्सा भवन की जमीन के बाहर किए गए अवैध निर्माण की ओर था। विधायक के मुताबिक, अगर किसी सरकारी या सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर दुकानें बनाकर उन्हें लाखों रुपए में बेचा गया है तो ऐसे अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
पूर्व विधायक के कार्यकाल का भी किया जिक्र
विधायक रावत ने कहा कि उन्होंने पूर्व विधायक लक्ष्मण सिंह के कार्यकाल से जुड़े निर्माणों का उल्लेख किया था। उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को बदनाम करना नहीं था।
लेकिन चुनाव से महज दो दिन पहले सामने आए इस वीडियो ने बयान की राजनीतिक व्याख्या को अलग दिशा दे दी है। अब सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि विधायक ने क्या कहा, बल्कि यह भी है कि क्या मतदाता अपने वोट को विकास की चाबी मानें या कार्रवाई के डर से प्रभावित होने की आशंका जताई जाए?
11 सितंबर को भीम नगर पालिका और राजसमंद नगर परिषद के मतदाता अपने वोट का इस्तेमाल करेंगे। उससे पहले विधायक का यह वीडियो चुनावी माहौल में कितना असर डालता है, यह मतदान के बाद ही साफ होगा।


