
वसुंधरा राजे की BJP अध्यक्ष नितिन नबीन से दिल्ली में मुलाक़ात; राजस्थान की राजनीति में बढ़ी सुगबुगाहट
भारतीय जनता पार्टी में राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर चली लंबी कवायद उस वक्त थम गई, जब पार्टी ने नितिन नबीन को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी।
भारतीय जनता पार्टी में राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर चली लंबी कवायद उस वक्त थम गई, जब पार्टी ने नितिन नबीन को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी। नबीन के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद देशभर से उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। इसी क्रम में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने दिल्ली में कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की। भले ही इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा हो, लेकिन राजस्थान के सियासी गलियारों में इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
बीजेपी की कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और वसुंधरा राजे की दिल्ली में हुई इस मुलाकात की तस्वीर सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है, जब राजस्थान में भजनलाल सरकार के दो साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है और मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें एक बार फिर तेज हो गई हैं। ऐसे में राजे का दिल्ली दौरा और राष्ट्रीय नेतृत्व से संवाद सियासी रूप से अहम माना जा रहा है।
हालांकि पार्टी स्तर पर इस मुलाकात को पूरी तरह शिष्टाचार वधाई मुलाकात करार दिया जा रहा है। बीजेपी सूत्रों का कहना है कि नितिन नबीन के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद वरिष्ठ नेताओं का उनसे मिलना सामान्य प्रक्रिया है। वसुंधरा राजे भी पार्टी की वरिष्ठ नेता हैं और राष्ट्रीय नेतृत्व से उनका संवाद लगातार बना रहता है। बावजूद इसके, राजनीतिक जानकार इस मुलाकात के समय और संदर्भ को लेकर अलग-अलग मायने निकाल रहे हैं।
दरअसल, राजस्थान की राजनीति में बीते कुछ समय से मंत्रिमंडल विस्तार और बदलाव को लेकर सुगबुगाहट बनी हुई है। भजनलाल सरकार के गठन के बाद से ही यह चर्चा रही है कि संगठन और सरकार के बीच संतुलन बनाने के लिए समय-समय पर बदलाव हो सकते हैं। हाल ही में यह माना जा रहा था कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदेश स्तर पर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। अब नितिन नबीन के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद इन अटकलों को और हवा मिल गई है।
वसुंधरा राजे के दिल्ली दौरे को भी इसी सियासी परिप्रेक्ष्य में देखा जा रहा है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि यदि मंत्रिमंडल में बदलाव होता है, तो इस बार राजे खेमे के कुछ विधायकों को सरकार में जगह मिल सकती है। हालांकि इस पर न तो पार्टी की ओर से और न ही राजे की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि वसुंधरा राजे अब भी राजस्थान बीजेपी की राजनीति में एक मजबूत और प्रभावशाली चेहरा हैं। उनके समर्थक विधायकों की संख्या और उनका जनाधार किसी से छिपा नहीं है। ऐसे में राष्ट्रीय नेतृत्व से उनकी मुलाकात को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
फिलहाल, नितिन नबीन और वसुंधरा राजे की इस मुलाकात को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में यदि राजस्थान मंत्रिमंडल में कोई फेरबदल होता है, तो इस दिल्ली मुलाकात को उसकी भूमिका के तौर पर जरूर देखा जाएगा। अभी के लिए पार्टी इसे शिष्टाचार मुलाकात बता रही है, लेकिन सियासत में संकेतों की अहमियत हमेशा बनी रहती है।

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Sachin Sharmaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




