टोंक में पैंथर ने जमकर मचाया हुड़दंग; शराब की दुकान में घुसकर 3 को किया घायल
कमर्शियल इलाके में पहुंचने के बाद पैंथर सबसे पहले शराब की दुकान के बाहर बैठे 40 वर्षीय फतेह लाल कोली पर झपटा और पंजों से हमला कर उन्हें घायल कर दिया। इसके बाद पैंथर सीधे दुकान के अंदर घुस गया

राजस्थान के टोंक जिले के टोडारायसिंह कस्बे में रविवार सुबह उस समय दहशत फैल गई, जब जंगल से भटककर एक पैंथर (तेंदुआ) रिहायशी और व्यावसायिक इलाके में पहुंच गया। देखते ही देखते पैंथर ने तीन लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। हालात इतने बिगड़ गए कि पूरे बाजार में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हालांकि एक शराब की दुकान के सेल्समैन की सूझबूझ और बहादुरी से बड़ा हादसा टल गया।
झाड़ियों से निकला और वन मित्र पर कर दिया पहला हमला
जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह करीब 8:45 बजे कस्बे की झाड़ियों में पैंथर देखे जाने की सूचना वन विभाग को मिली। सूचना मिलने पर वन विभाग के स्वयंसेवक (वन मित्र) राकेश मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेने लगे। जैसे ही वह झाड़ियों के पास पहुंचे, पैंथर ने अचानक उन पर हमला कर दिया। हमले में राकेश घायल हो गए, लेकिन किसी तरह वहां से हटने में सफल रहे।
पहले हमले के बाद पैंथर करीब 400 मीटर तक दौड़ता हुआ सीधे टोडारायसिंह के व्यावसायिक इलाके में पहुंच गया, जहां लोगों की आवाजाही काफी अधिक थी। इससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
शराब की दुकान के बाहर और अंदर दो लोगों को बनाया निशाना
कमर्शियल इलाके में पहुंचने के बाद पैंथर सबसे पहले शराब की दुकान के बाहर बैठे 40 वर्षीय फतेह लाल कोली पर झपटा और पंजों से हमला कर उन्हें घायल कर दिया। इसके बाद पैंथर सीधे दुकान के अंदर घुस गया, जहां 25 वर्षीय सेल्समैन संजय गुर्जर मौजूद थे।
दुकान के अंदर घुसते ही पैंथर ने संजय पर हमला कर दिया। घायल होने के बावजूद संजय ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने तुरंत दुकान से बाहर छलांग लगाई और बाहर निकलते ही शटर बंद कर दिया। इस तरह पैंथर दुकान के अंदर ही कैद हो गया। संजय की इस सूझबूझ की वजह से पैंथर बाजार के अन्य हिस्सों में नहीं पहुंच सका और कई लोगों की जान बच गई।
पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
पैंथर के दुकान में बंद होने की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई और बाजार को खाली कराया गया। लोगों को दुकान के आसपास जाने से रोक दिया गया ताकि किसी तरह की अनहोनी न हो।
स्थिति को देखते हुए जयपुर से विशेषज्ञ वन्यजीव चिकित्सकों और रेस्क्यू टीम को बुलाया गया। टीम दोपहर करीब 2 बजे टोडारायसिंह पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
5 घंटे की मशक्कत के बाद ट्रेंकुलाइजर से किया काबू
रेस्क्यू टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि पैंथर बेहद आक्रामक था और दुकान के अंदर लगातार इधर-उधर घूम रहा था। विशेषज्ञों ने काफी देर तक उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और फिर दुकान की खिड़की और रोशनदान के जरिए ट्रेंकुलाइजर गन से बेहोशी का इंजेक्शन लगाया।
इंजेक्शन का असर होने के बाद पैंथर धीरे-धीरे बेहोश हो गया। इसके बाद वन विभाग की टीम ने पूरी सावधानी के साथ उसे पिंजरे में बंद कर सुरक्षित बाहर निकाला। करीब पांच घंटे तक चले इस जटिल ऑपरेशन के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
तीनों घायलों का इलाज जारी
घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से तीनों घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद वन मित्र राकेश को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि संजय गुर्जर और फतेह लाल कोली की चोटें गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार दोनों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
वन विभाग करेगा पैंथर के भटकने की वजह की जांच
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि पैंथर भोजन या पानी की तलाश में जंगल से भटककर आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच गया। फिलहाल उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर वन विभाग की निगरानी में रखा गया है। उसकी स्वास्थ्य जांच के बाद तय किया जाएगा कि उसे दोबारा जंगल में छोड़ा जाएगा या किसी सुरक्षित वन्यजीव संरक्षण केंद्र में शिफ्ट किया जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर जंगल से सटे इलाकों में वन्यजीवों की बढ़ती आवाजाही और मानव-वन्यजीव संघर्ष की समस्या को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ऐसे इलाकों में निगरानी बढ़ाने और समय रहते चेतावनी व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
लेखक के बारे में
Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।
सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।
शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।
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