
साध्वी प्रेम बाईसा मामले में विसरा रिपोर्ट का इंतजार,पढ़िए क्या बोले जोधपुर पुलिस कमिश्नर
राजस्थान की चर्चित आध्यात्मिक हस्ती साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गहराता जा रहा है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए सवाल और रहस्यमय पहलू सामने आ रहे हैं।
राजस्थान की चर्चित आध्यात्मिक हस्ती साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गहराता जा रहा है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए सवाल और रहस्यमय पहलू सामने आ रहे हैं। मामले की संवेदनशीलता और सामाजिक प्रभाव को देखते हुए पुलिस, विशेष जांच टीम (SIT) और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) पूरी सतर्कता के साथ हर कड़ी को जोड़ने में जुटी हुई हैं।
इसी क्रम में एफएसएल की टीम एक बार फिर साध्वी के आश्रम पहुंची। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। जांच के दौरान सीन रिक्रिएशन भी कराया गया, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि साध्वी की तबीयत बिगड़ने से लेकर अस्पताल पहुंचने तक की पूरी कड़ी में क्या-क्या घटनाएं हुईं।
पुलिस कमिश्नर खुद पहुंचे आश्रम
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश स्वयं आश्रम पहुंचे और मौके पर जांच की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी एंगल को नजरअंदाज न किया जाए। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा, जिसका फिलहाल इंतजार किया जा रहा है।
आईटी और डिजिटल एंगल से भी जांच
पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश के अनुसार, मामले में आईटी एंगल से भी गहन जांच की जा रही है। साध्वी प्रेम बाईसा के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मैसेज, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य डिजिटल डेटा की पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि मौत से पहले साध्वी किस-किस के संपर्क में थीं और क्या उन्हें किसी तरह का दबाव या धमकी मिली थी।
SIT और FSL की संयुक्त कार्रवाई
मामले की जांच के लिए गठित SIT लगातार सक्रिय है। एफएसएल टीम के साथ मिलकर घटनास्थल से लिए गए नमूनों की जांच की जा रही है। आश्रम परिसर में मौजूद दवाइयों, इंजेक्शन की शीशियों और अन्य मेडिकल उपकरणों को भी जांच के दायरे में लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच वैज्ञानिक और तकनीकी आधार पर की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की आशंका या अफवाह को रोका जा सके।
पिता और सेवादार से पूछताछ जारी
साध्वी प्रेम बाईसा के पिता बीरमनाथ और उनके सेवादार व ड्राइवर सुरेश से लगातार पूछताछ की जा रही है। दोनों ही घटना के समय आश्रम में मौजूद थे और इंजेक्शन लगने के बाद अस्पताल ले जाने के दौरान भी साध्वी के साथ थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के जरिए घटनाक्रम की टाइमलाइन को स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है।
नाखूनों का नीला पड़ना बना अहम सुराग
जांच में एक अहम मेडिकल संकेत सामने आया है। बताया जा रहा है कि साध्वी प्रेम बाईसा की मौत से पहले उनके हाथों के नाखूनों का रंग नीला पड़ गया था। मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, नाखूनों का नीला होना शरीर में ऑक्सीजन की कमी या किसी जहरीले पदार्थ के प्रभाव का संकेत हो सकता है। हालांकि पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं हुई है, लेकिन यह लक्षण जांच एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण सुराग माना जा रहा है।
इंजेक्शन और अस्पताल ले जाने का घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार, तबीयत बिगड़ने पर साध्वी को इंजेक्शन लगाया गया था। इंजेक्शन के बाद से अस्पताल पहुंचने तक उनके पास केवल पिता बीरमनाथ और सेवादार सुरेश मौजूद थे। बताया जा रहा है कि रास्ते में सुरेश ने उन्हें सीपीआर देने की भी कोशिश की, लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हो सका।
संपत्ति और ट्रस्ट से जुड़े दस्तावेज खंगाले जा रहे
SIT ने साध्वी प्रेम बाईसा की चल-अचल संपत्तियों, ट्रस्ट, आश्रम और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि हाल के दिनों में किसी संपत्ति, लेन-देन या ट्रस्ट संचालन को लेकर कोई विवाद तो नहीं था। इसके साथ ही साध्वी की मौत से पहले के अंतिम तीन दिनों की गतिविधियों पर विशेष फोकस किया गया है।
फिलहाल, साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का रहस्य विसरा रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के नतीजों पर टिका हुआ है। जांच एजेंसियों का दावा है कि साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही पूरे मामले से पर्दा उठाया जाएगा।

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Sachin Sharmaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




