राजस्थान के पश्चिमी जिलों में झुलसाने वाली तपिश; कई शहरों में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री से नीचे

Mar 04, 2026 09:51 am ISTSachin Sharma लाइव हिन्दुस्तान
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राजस्थान में गर्मी ने मार्च की शुरुआत में ही तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मंगलवार को राज्य के कई शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जबकि पश्चिमी जिलों में दिन के समय झुलसाने वाली गर्मी महसूस की गई।

राजस्थान के पश्चिमी जिलों में झुलसाने वाली तपिश; कई शहरों में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री से नीचे

राजस्थान में गर्मी ने मार्च की शुरुआत में ही तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मंगलवार को राज्य के कई शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जबकि पश्चिमी जिलों में दिन के समय झुलसाने वाली गर्मी महसूस की गई। बाड़मेर में पारा 38 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जो इस सीजन का अब तक का सर्वाधिक तापमान है।

India Meteorological Department के जयपुर स्थित मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार अगले 2 से 3 दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। दिन के समय तेज धूप और शुष्क मौसम के कारण गर्मी का असर और अधिक तेज हो सकता है।

पश्चिमी राजस्थान में ज्यादा असर

पिछले 24 घंटे में प्रदेशभर में मौसम शुष्क बना रहा और आसमान पूरी तरह साफ रहा। सुबह से ही तेज धूप निकलने के कारण दोपहर तक तापमान तेजी से बढ़ा। पिलानी, चित्तौड़गढ़, पाली, जैसलमेर, जोधपुर, फलोदी, बीकानेर, चूरू, नागौर, जालोर और लूणकरणसर में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया।

विशेष रूप से पश्चिमी राजस्थान के जिलों में गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम रही। बाड़मेर में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज होने से यह प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। जोधपुर और जैसलमेर में भी तापमान 36 से 37 डिग्री के बीच रहा।

सभी शहरों में पारा 31 डिग्री से ऊपर

मंगलवार को राज्य के सभी प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। अलवर में 31.4 डिग्री, जयपुर और उदयपुर में 33.9 डिग्री, सीकर में 32.5 डिग्री, श्रीगंगानगर में 33.3 डिग्री, बारां में 32.9 डिग्री, हनुमानगढ़ में 31.2 डिग्री, सिरोही में 32.8 डिग्री और झुंझुनूं में 33.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री अधिक दर्ज किया गया है, जिससे मार्च में ही गर्मी का असर बढ़ता नजर आ रहा है। दिन के समय बाजारों और मुख्य मार्गों पर दोपहर बाद सन्नाटा देखने को मिला।

कूलर-एसी की शुरुआत

तेज गर्मी के चलते अब अधिकांश शहरों में सुबह और शाम के समय घरों और दफ्तरों में पंखे चलने लगे हैं। वहीं पश्चिमी जिलों में दिन के समय कूलर और एयर कंडीशनर भी शुरू हो गए हैं। बिजली की मांग में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तापमान में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो आने वाले दिनों में हीटवेव जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं, खासकर पश्चिमी राजस्थान में।

रात में हल्की ठंडक

हालांकि दिन का तापमान लगातार बढ़ रहा है, लेकिन मंगलवार रात को न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई। इससे कुछ शहरों में रात के समय हल्की ठंडक महसूस की गई।

चूरू, सीकर, अलवर, टोंक, करौली, दौसा, झुंझुनूं और बारां में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। फतेहपुर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। तापमान में इस गिरावट से रात में हल्की सर्दी का अहसास रहा, हालांकि यह सामान्य से अधिक ही बना हुआ है।

अगले 3 दिन कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के अनुसार राज्य में फिलहाल किसी भी प्रकार की वर्षा प्रणाली सक्रिय नहीं है। शुष्क उत्तर-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से तापमान में लगातार बढ़ोतरी होगी। दिन के समय तेज धूप और साफ आसमान के कारण अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और इजाफा हो सकता है।

विशेषज्ञों ने दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।

मार्च की शुरुआत में ही बढ़ते तापमान ने संकेत दे दिए हैं कि इस बार गर्मी सामान्य से अधिक तेज रह सकती है। आने वाले दिनों में पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

Sachin Sharma

लेखक के बारे में

Sachin Sharma

सचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।

सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।

शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।

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