पश्चिमी राजस्थान फिलहाल रहेगा सूखा, फलोदी 41°C के साथ सबसे गर्म; बारिश थमते ही बढ़ी उमस
मानसून कमजोर पड़ते ही प्रदेश में गर्मी ने फिर से दस्तक दे दी है। रविवार को राज्य का सबसे अधिक तापमान फलोदी में 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यहां रात का तापमान भी 29.2 डिग्री सेल्सियस रहा

राजस्थान में मानसून की रफ्तार पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। पिछले कुछ दिनों तक कई जिलों में अच्छी बारिश कराने वाला मानसून अब कमजोर पड़ गया है, जिसके चलते प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे पश्चिमी राजस्थान के लिए राहत भरे नहीं हैं। यहां बारिश की संभावना लगभग नहीं के बराबर है, जबकि पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के सिर्फ 9 जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि 15 जुलाई के बाद मानसून का नया सिस्टम सक्रिय होगा, जिसके बाद एक बार फिर बारिश का दौर लौट सकता है।
इन 9 जिलों में बारिश की उम्मीद
मौसम विभाग के मुताबिक खैरथल-तिजारा, अलवर, डीग, भरतपुर, धौलपुर, सिरोही, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ में कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि बाकी अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रहेगा और तेज धूप के साथ उमस लोगों को परेशान करेगी।
बारिश थमी तो बढ़ी गर्मी और उमस
मानसून कमजोर पड़ते ही प्रदेश में गर्मी ने फिर से दस्तक दे दी है। रविवार को राज्य का सबसे अधिक तापमान फलोदी में 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यहां रात का तापमान भी 29.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जिससे लोगों को दिन के साथ-साथ रात में भी उमस का सामना करना पड़ा।
इसके अलावा अलवर में 38 डिग्री, बीकानेर में 38.1 डिग्री, चूरू में 38.5 डिग्री, श्रीगंगानगर में 38 डिग्री और झुंझुनूं के पिलानी में 37.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक कोई मजबूत वेदर सिस्टम सक्रिय नहीं होता, तब तक उमस और गर्मी का असर बना रह सकता है।
24 घंटे में सिर्फ बूंदी में हुई बारिश
अगर पिछले 24 घंटे के बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो पूरे राजस्थान में सिर्फ बूंदी जिले में 5 एमएम बारिश दर्ज की गई। बाकी अधिकांश जिलों में मौसम पूरी तरह सूखा रहा। यही वजह है कि तापमान में बढ़ोतरी और हवा में नमी के कारण लोगों को चिपचिपी गर्मी का अहसास होने लगा है।
15 जुलाई के बाद फिर एक्टिव होगा मानसून
मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 जुलाई के बाद बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में नया सिस्टम बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से राजस्थान में मानसून फिर सक्रिय हो सकता है और कई जिलों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। फिलहाल अगले दो-तीन दिन केवल छिटपुट बारिश और बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है।
तेज हवाओं का भी अलर्ट
सोमवार और मंगलवार को जोधपुर और बीकानेर संभाग के कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं 13 से 15 जुलाई के बीच जयपुर और सीकर में भी कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू के आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम बदल सकता है।
जयपुर में पारा स्थिर, लेकिन उमस बरकरार
राजधानी जयपुर में रविवार को अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ, लेकिन सामान्य से अधिक न्यूनतम तापमान के कारण रात में भी उमस बनी रही। लोगों को दिनभर चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ा।
अलवर में धूप ने बढ़ाई बेचैनी
अलवर में सुबह से तेज धूप निकलने के कारण गर्मी और उमस का असर साफ दिखाई दिया। अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक आंशिक बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना जताई है।
उदयपुर में बादलों ने दी राहत
उदयपुर में दिनभर बादलों और हल्की धूप के बीच मौसम सुहावना बना रहा। हालांकि बारिश नहीं हुई, लेकिन बादलों और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। यहां अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रहा, जो पिछले दिन की तुलना में एक डिग्री कम था।
जोधपुर, अजमेर, कोटा और सीकर का हाल
जोधपुर में अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस रहा और पूरे दिन मौसम सामान्य बना रहा। अजमेर में तेज धूप के कारण लोगों को बारिश का इंतजार और लंबा लगने लगा। यहां अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कोटा में तापमान सामान्य रहने के बावजूद उमस ने लोगों को परेशान किया। वहीं सीकर में साफ मौसम और तेज धूप के कारण गर्मी का असर बढ़ गया। फिलहाल वहां भी अच्छी बारिश की संभावना नजर नहीं आ रही।
क्या कहता है मौसम विभाग?
मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल राजस्थान में मानसून कमजोर स्थिति में है। ऐसे में अगले दो-तीन दिन प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा। हालांकि 15 जुलाई के बाद नया सिस्टम बनने के साथ बारिश की गतिविधियां फिर तेज हो सकती हैं। ऐसे में किसानों से लेकर आम लोगों की निगाहें अब अगले मानसूनी दौर पर टिकी हैं।
लेखक के बारे में
Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।
सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।
शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।
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