
राजस्थान : उदयपुर में पुल टूटा, चित्तौड़गढ़ में मां-बेटी लापता, बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
मौसम विभाग ने शनिवार को राजस्थान के 30 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही बरसात से हालात बिगड़ रहे हैं।
मौसम विभाग ने शनिवार को राजस्थान के 30 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही बरसात से हालात बिगड़ रहे हैं। चित्तौड़गढ़, सलूंबर और उदयपुर (शहर को छोड़कर) में शनिवार को स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है। विभाग ने अगले चार दिन प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं तेज बारिश का अनुमान जताया है।

शुक्रवार को उदयपुर, डूंगरपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, जयपुर समेत कई जिलों में 1 से लेकर 4 इंच तक बरसात दर्ज हुई। तेज बारिश से नदियां-नाले उफान पर आ गए और कई हादसों की खबरें सामने आईं।
चित्तौड़गढ़ जिले में रूपारेल नदी में एक ही परिवार के पांच लोग बह गए। इनमें से तीन लोगों को बचा लिया गया, जबकि मां-बेटी अब भी लापता हैं। पाली जिले में बाइक सवार पति-पत्नी नदी में बह गए। करीब 150 फीट दूर बहते हुए पति ने पेड़ को पकड़ लिया और पत्नी ने झाड़ियों का सहारा लिया। दोनों की जान बच गई, लेकिन हालात बेहद खतरनाक बने रहे।
उदयपुर में भी बारिश ने भारी नुकसान पहुंचाया। पानरवा-कोटड़ा हाईवे पर खाचन गांव के सरकारी स्कूल के सामने पुल का आधा हिस्सा टूटकर गिर गया। इसके चलते यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया। वहीं, झाड़ोल में मानसी वाकल बांध का एक गेट खोला गया। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए यह कदम उठाना पड़ा।
राज्य के दूसरे हिस्सों से भी दुखद घटनाएं सामने आईं। झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी में शुक्रवार सुबह कुंड में डूबने से जीजा-साली की मौत हो गई। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों के शव बाहर निकाले।
पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे ज्यादा बारिश राजसमंद जिले के खमनोर क्षेत्र में दर्ज की गई। यहां 104 मिमी पानी बरसा। इसके अलावा राजसमंद के सरदारगढ़ में 38, नाथद्वारा में 36, कुंभलगढ़ और रेलमगरा में 28-28 मिमी बारिश दर्ज हुई।
सीकर जिले के धौंद में 48, अजीतगढ़ में 28 और श्रीमाधोपुर में 38 मिमी पानी गिरा। टोंक के मालपुरा में 57, उदयपुर के वल्लभनगर में 52, झाड़ोल और मावली में 35-35, कोटड़ा में 31, सिरोही के पिंडवाड़ा में 27, अजमेर के गोयला में 35 और किशनगढ़ में 29 मिमी बारिश दर्ज की गई।
भीलवाड़ा में 53, मांडल में 43 और जहाजपुर में 38 मिमी पानी बरसा। चित्तौड़गढ़ के भदेसर में 80 और निंबाहेड़ा में 72 मिमी बारिश हुई। चूरू के सिद्धमुख में 40, नागौर के मकराना में 30, डूंगरपुर के बिच्छीवाड़ा में 47 और गलियाकोट में 26 मिमी पानी दर्ज किया गया।
हनुमानगढ़ के भादरा में 37, जयपुर के टूटू में 64, जोबनेर में 55, मौजमाबाद में 53 और कालवाड़ में 50 मिमी पानी बरसा। पाली जिले के देसूरी में 63 और बाली में 57 मिमी पानी गिरा।
मौसम विभाग ने बताया कि वर्तमान में मानसून ट्रफ बीकानेर, कोटा, गुना, दमोह, सम्बलपुर और पुरी होते हुए बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। इसके अलावा ओडिशा और छत्तीसगढ़ के ऊपर लो-प्रेशर एरिया बना हुआ है।
इस सिस्टम के असर से राजस्थान में अगले तीन से चार दिन तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा, बीकानेर, उदयपुर और जोधपुर संभाग के कुछ जिलों में हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। कई जगहों पर पुल टूटने, सड़कों के डूबने और मकानों में पानी घुसने की खबरें हैं। ग्रामीण इलाकों में छोटे नाले-नदियां उफान पर हैं और लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।

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