Hindi Newsराजस्थान न्यूज़जयपुरrajasthan sir work pressure teachers protest rising tension
राजस्थान में 30% SIR कार्य पूरा, फिर भी शिक्षक संगठनों का फूट पड़ा गुस्सा; क्यों बढ़ रहा तनाव?

राजस्थान में 30% SIR कार्य पूरा, फिर भी शिक्षक संगठनों का फूट पड़ा गुस्सा; क्यों बढ़ रहा तनाव?

संक्षेप:

राजस्थान में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम की रफ्तार पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुकी है। गोवा को छोड़कर 12 राज्यों में जारी इस अभियान में राजस्थान 15 दिनों में 30.17% कार्य पूरा कर दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।

Nov 18, 2025 03:04 pm ISTSachin Sharma लाइव हिन्दुस्तान, जयपुर
share Share
Follow Us on

राजस्थान में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम की रफ्तार पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुकी है। गोवा को छोड़कर 12 राज्यों में जारी इस अभियान में राजस्थान 15 दिनों में 30.17% कार्य पूरा कर दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। एक ओर यह गति चुनाव प्रबंधन की दक्षता दर्शाती है, तो दूसरी तरफ इस तेजी की कीमत शिक्षक और बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के बढ़ते मानसिक बोझ के रूप में सामने आने लगी है। जयपुर के सरकारी शिक्षक और BLO मुकेश जांगिड़ की आत्महत्या ने पूरे प्रदेश में तंत्र के दबाव की गूंज को तेज कर दिया है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन के मुताबिक अब तक 1.65 करोड़ गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा किया जा चुका है। राज्य भर में घर-घर गणना और सत्यापन का काम 4 दिसंबर तक चलेगा और 9 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी। अधिकारियों का दावा है कि राजस्थान की यह तेज रफ्तार चुनावी तैयारियों का मजबूत संकेत है।

लेकिन इसी रफ्तार ने अब बहस पैदा कर दी है—क्या यह उपलब्धि है या कर्मचारियों पर अत्यधिक बोझ का परिणाम?

मुकेश जांगिड़, जो शिक्षक के साथ BLO की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, ने कथित आत्महत्या से पहले अपने सुपरवाइजर पर गंभीर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए। सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि उन्हें नौकरी से सस्पेंड करने की धमकी देकर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। इस घटना ने SIR कार्य में लगे कर्मचारियों के बीच भय और आक्रोश दोनों पैदा कर दिए हैं।

अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त एकीकृत महासंघ ने इस मामले को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजते हुए प्रमुखता से उठाया है। महासंघ के प्रदेश महामंत्री विपिन शर्मा के अनुसार कई जिलों से लगातार शिकायतें आ रही हैं कि प्रशासनिक अधिकारी BLO और शिक्षकों पर उनकी क्षमता से अधिक काम का बोझ डाल रहे हैं।

उनके मुताबिक—

• कई शिक्षक 12–18 घंटे तक काम करने को मजबूर

• अत्यधिक दबाव के कारण अवसाद जैसी स्थितियां

• अध्यापन और SIR दोनों जिम्मेदारियों का अत्यधिक टकराव

• स्थानीय स्तर पर ‘अनचाही सख़्ती’ बढ़ने की शिकायतें

संगठनों ने सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं—

1. मृतक BLO के मामले में नामित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई

2. मृतक परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा

3. एक आश्रित को सरकारी नौकरी

4. प्रशासनिक मनमानी रोकने के लिए सख्त दिशानिर्देश

महासंघ का कहना है कि यदि सरकार ने तुरंत हस्तक्षेप नहीं किया, तो राज्यभर में कर्मचारियों में असुरक्षा और असंतोष और बढ़ सकता है।

घटना के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर कहा है कि जहां भी जरूरत हो, BLO को अतिरिक्त संसाधन और सहयोग तुरंत उपलब्ध कराया जाए। उनका कहना है कि डिजिटाइजेशन की गति बढ़ाना आवश्यक है, लेकिन यह BLO के मानसिक बोझ की कीमत पर नहीं होना चाहिए।

Sachin Sharma

लेखक के बारे में

Sachin Sharma
इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में पिछले 5 साल का अनुभव है। लाइव हिंदुस्तान से पहले, जी राजस्थान, महानगर टाइम्समें सेवा दे चुके हैं। राजस्थान विश्विद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। गुलाबी नगरी जयपुर में ही जन्म हुआ। राजस्थान की राजनीति और समृद्ध कला, संस्कृति पर लिखना पसंद है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।