राजस्थान में रिफाइनरी आग कांड, सांसद बेनीवाल ने जांच की मांग उठाई
राजस्थान की बहुचर्चित पचपदरा रिफाइनरी में आग लगने की घटना ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi के प्रस्तावित दौरे से ठीक पहले हुई इस घटना को लेकर नागौर सांसद और आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

राजस्थान की बहुचर्चित पचपदरा रिफाइनरी में आग लगने की घटना ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi के प्रस्तावित दौरे से ठीक पहले हुई इस घटना को लेकर नागौर सांसद और आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे केवल एक हादसा नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक बताया है।
पीएम दौरे से पहले सुरक्षा पर सवाल
बेनीवाल ने कहा कि जिस समय देश के प्रधानमंत्री का दौरा प्रस्तावित है, उसी से एक दिन पहले इस तरह की संवेदनशील और रणनीतिक महत्व की परियोजना में आग लगना सामान्य नहीं माना जा सकता। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री Bhajanlal Sharma से सीधा सवाल करते हुए कहा कि क्या पीएम दौरे से पहले प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई थी या नहीं।
मुख्यमंत्री की मॉनिटरिंग पर उठे सवाल
उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मुख्यमंत्री का दौरा भी घटना स्थल पर प्रस्तावित था, ऐसे में यह स्पष्ट होना चाहिए कि क्या सरकार केवल दिखावे की तैयारियों में व्यस्त थी या जमीनी स्तर पर सुरक्षा को लेकर गंभीरता दिखाई गई थी। बेनीवाल ने कहा कि इतनी बड़ी परियोजना में इस तरह की चूक प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है।
औद्योगिक विकास और निवेश पर असर की आशंका
हनुमान बेनीवाल ने कहा कि पचपदरा रिफाइनरी जैसी परियोजना राजस्थान के औद्योगिक भविष्य और निवेश की संभावनाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में यहां किसी भी प्रकार की लापरवाही सीधे तौर पर राज्य की छवि और निवेश माहौल को प्रभावित करती है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर प्रधानमंत्री के दौरे से पहले ही इस तरह की बड़ी परियोजनाएं सुरक्षित नहीं हैं, तो राज्य में बड़े औद्योगिक निवेश कैसे आकर्षित किए जा सकेंगे।
सरकार पर जल्दबाजी के आरोप
उन्होंने इस घटना को प्रशासनिक विफलता करार देते हुए कहा कि यह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि सरकार ने सुरक्षा और तैयारियों को लेकर जल्दबाजी की है। बेनीवाल ने आरोप लगाया कि उद्घाटन और कार्यक्रमों की होड़ में वास्तविक सुरक्षा और प्रबंधन को नजरअंदाज किया गया, जिससे ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं।
जिम्मेदारी तय करने की मांग
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाओं की जिम्मेदारी तय होना जरूरी है। बेनीवाल ने मांग की कि मुख्यमंत्री को स्वयं इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए, क्योंकि वे स्वयं इस पूरे कार्यक्रम की मॉनिटरिंग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता के सामने जवाब देना चाहिए।
लेखक के बारे में
Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।
सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।
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