
राजस्थान: एक महीने में 6 बड़े हादसे, 64 से ज्यादा लोगों की मौत; जानिए कब-कहां हुई त्रासदी
राजस्थान के लिए अक्टूबर का महीना हादसों और भय का पर्याय बन गया। पिछले एक महीने में प्रदेश में एक-दो नहीं बल्कि 6 बड़े हादसे हुए, जिनमें 64 से ज्यादा लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
राजस्थान के लिए अक्टूबर का महीना हादसों और भय का पर्याय बन गया। पिछले एक महीने में प्रदेश में एक-दो नहीं बल्कि 6 बड़े हादसे हुए, जिनमें 64 से ज्यादा लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। आग, सड़क दुर्घटनाएं और लापरवाही से भरे इन हादसों ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर क्यों राजस्थान में एक के बाद एक ऐसी त्रासदियां हो रही हैं।

इन लगातार हो रहे हादसों पर अब राजनीति भी गर्माने लगी है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से SIT बनाकर जांच कराने की मांग की है। वहीं सरकार ने भी इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय बैठक कर हादसों की रोकथाम को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
पिछले एक महीने में हुए 6 बड़े हादसे
5 अक्टूबर – जयपुर SMS अस्पताल में आग:
राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के न्यूरो सर्जरी ICU में आधी रात को भीषण आग लग गई। आग की लपटों में 8 मरीजों की जान चली गई। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही को लेकर भारी हंगामा हुआ और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठे।
14 अक्टूबर – जैसलमेर बस हादसा:
जैसलमेर में चलती स्लीपर बस में अचानक आग लग गई। बस में सवार 28 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई गंभीर रूप से झुलस गए। ज्यादातर यात्रियों की मौत इलाज के दौरान हुई। यह हादसा हाल के वर्षों में राज्य का सबसे भयावह सड़क हादसा माना गया।
28 अक्टूबर – जयपुर के पास मनोहरपुरा हादसा:
मनोहरपुरा में एक स्लीपर बस हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गई। बस में करंट दौड़ने से आग लग गई और तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई।
31 अक्टूबर – अलवर थार दुर्घटना:
तेज रफ्तार थार ने एक बाइक को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि चार लोगों की मौके पर मौत हो गई। मृतकों में पति-पत्नी, उनका बेटा और भतीजी शामिल थे। परिवार शादी समारोह से लौट रहा था।
1 नवंबर – फलोदी एक्सप्रेसवे हादसा:
भारतमाला एक्सप्रेस वे पर टेंपो ट्रैवलर सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि 15 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 10 महिलाएं और 4 बच्चे शामिल थे।
3 नवंबर – जयपुर हरमाड़ा डंपर हादसा:
राजधानी में हरमाड़ा के पास एक तेज रफ्तार डंपर ने 17 वाहनों को कुचल दिया। इस भयानक हादसे में 14 लोगों की जान चली गई। हादसे के बाद हर तरफ अफरा-तफरी मच गई।
एक महीने में इतने बड़े हादसों के बाद अब राज्य में सड़क सुरक्षा को लेकर गहन मंथन शुरू हो गया है। सीएम भजनलाल शर्मा ने सोमवार देर रात अधिकारियों के साथ बैठक कर कहा कि तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और लापरवाही इन हादसों के प्रमुख कारण हैं। उन्होंने नियमों के सख्त पालन और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि हर साल देशभर में औसतन डेढ़ लाख लोग सड़क हादसों में मरते हैं, जिनमें से करीब 10 हजार मौतें राजस्थान में होती हैं। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा सिर्फ एक विभाग का नहीं बल्कि PWD, ट्रांसपोर्ट और पुलिस तीनों का साझा विषय है।
गहलोत ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि इन विभागों की संयुक्त SIT बनाई जाए, जो हादसों के कारणों की जांच कर ठोस सुधारात्मक कदम सुझाए। उन्होंने सड़क सुरक्षा पर जनजागरूकता अभियान चलाने और लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की।

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Sachin Sharmaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




