राजस्थान के निकाय चुनाव में बूथ अध्यक्षों के हाथ कांग्रेस की कमान; इस फार्मूले पर लड़ेगी चुनाव

हिन्दुस्तान टाइम्स, जयपुर
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कांग्रेस ने इस बार पार्षद टिकट के दावेदारों के लिए भी सख्त फॉर्मूला तैयार किया है। दावेदारों को सिर्फ आवेदन भरने से टिकट नहीं मिलेगा, बल्कि उन्हें अपने जनाधार का प्रमाण देना होगा।

राजस्थान के निकाय चुनाव में बूथ अध्यक्षों के हाथ कांग्रेस की कमान; इस फार्मूले पर लड़ेगी चुनाव
कांग्रेस ने इस बार पार्षद टिकट के दावेदारों के लिए भी सख्त फॉर्मूला तैयार किया है। दावेदारों को सिर्फ आवेदन भरने से टिकट नहीं मिलेगा, बल्कि उन्हें अपने जनाधार का प्रमाण देना होगा।

राजस्थान में निकाय चुनाव की आहट के साथ ही कांग्रेस ने चुनावी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के निर्देश पर प्रदेशभर की विधानसभा सीटों में बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। पार्टी इस बार टिकट वितरण में पुराने समीकरणों के बजाय संगठनात्मक ताकत और जमीनी पकड़ को सबसे बड़ा पैमाना बना रही है। कांग्रेस का पूरा फोकस बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर है और इसी वजह से कहा जा रहा है कि इस बार निकाय चुनाव में कांग्रेस की डोर बूथ अध्यक्षों के हाथ में होगी।

भाजपा सरकार पर साधा निशाना

सांगानेर से कांग्रेस नेता पुष्पेंद्र भारद्वाज ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर निशाना साधते हुए कहा कि सांगानेर की जनता विकास कार्यों के लिए आज भी इंतजार कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान किए गए वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं।

भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस स्थानीय समस्याओं को लेकर जनता के बीच जाएगी। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए नारा भी दिया- सांगानेर हो रहा है बेहाल… कैसी है सरकार, भजनलाल?”

Congress poster

हर बूथ में शुरू हुई चुनावी कवायद

सांगानेर कांग्रेस नेता राजन यादव ने बताया कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में निकाय चुनाव के लिए प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त कर दिए गए हैं। सांगानेर, मालवीय नगर, किशनपोल, हवामहल, झोटवाड़ा सहित जयपुर की सभी विधानसभा सीटों पर लगातार बैठकें हो रही हैं। इन बैठकों में विधायक, पूर्व विधायक और विधायक प्रत्याशी कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद कर रहे हैं।

बैठकों में सिर्फ चुनावी रणनीति ही नहीं, बल्कि यह भी तय किया जा रहा है कि जनता के बीच किन स्थानीय मुद्दों को लेकर पार्टी चुनाव लड़ेगी। साथ ही वार्ड स्तर पर संगठन को सक्रिय करने की जिम्मेदारी बूथ अध्यक्ष और मंडल अध्यक्षों को दी गई है।

टिकट चाहिए तो पहले दिखानी होगी ताकत

कांग्रेस ने इस बार पार्षद टिकट के दावेदारों के लिए भी सख्त फॉर्मूला तैयार किया है। दावेदारों को सिर्फ आवेदन भरने से टिकट नहीं मिलेगा, बल्कि उन्हें अपने जनाधार का प्रमाण देना होगा।

पार्टी ने साफ कर दिया है कि हर दावेदार को अपने वार्ड के प्रत्येक बूथ पर कम से कम 10 सक्रिय समर्थकों के नाम, मोबाइल नंबर और ईपीआईसी (वोटर आईडी) नंबर देने होंगे। इनकी संगठन स्तर पर जांच और सत्यापन कराया जाएगा। जो दावेदार बूथ स्तर पर मजबूत नेटवर्क दिखाएगा, उसे टिकट की दौड़ में प्राथमिकता मिलेगी।

सिर्फ समर्थक नहीं, पूरा रिपोर्ट कार्ड भी देना होगा

शहर कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी आवेदन पत्र में उम्मीदवारों से कई अहम जानकारियां मांगी गई हैं। इसमें वार्ड का जातीय समीकरण, पांच प्रमुख स्थानीय समस्याएं, उनके समाधान का विजन, जीत का आधार, कांग्रेस और भाजपा के संभावित उम्मीदवारों की जानकारी तथा किसी भी प्रकार के आपराधिक मामले का पूरा ब्यौरा शामिल है।

पार्टी का मानना है कि साफ छवि, सक्रिय संगठनात्मक भूमिका और मजबूत बूथ नेटवर्क वाले कार्यकर्ताओं को ही मैदान में उतारा जाएगा।

सांगानेर से दिया सरकार के खिलाफ चुनावी संदेश

बुधवार को सांगानेर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में निकाय चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम में विधायक प्रत्याशी पुष्पेंद्र भारद्वाज, निकाय चुनाव प्रभारी गोविंद राम डागा, ब्लॉक अध्यक्ष दिनेश व्यास, पार्षद शिवराज गुर्जर, राजन यादव, कमल वाल्मीकि और अंशु सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद रहे।

कांग्रेस का दावा है कि इस बार निकाय चुनाव में टिकट उसी कार्यकर्ता को मिलेगा, जिसकी संगठन में मजबूत पकड़ होगी, बूथ स्तर पर सक्रिय टीम होगी और जो स्थानीय मुद्दों पर जनता के बीच लगातार काम करता रहा होगा। पार्टी की नई रणनीति साफ संकेत दे रही है कि इस बार निकाय चुनाव में सिफारिश नहीं, बल्कि जमीनी ताकत और संगठनात्मक क्षमता ही टिकट का सबसे बड़ा आधार बनने वाली है।

Sachin Sharma

लेखक के बारे में

Sachin Sharma

सचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।

सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।

शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।

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