
राजस्थान में भक्ति के साथ नववर्ष का आगाज़, मंदिरो में भक्तों का तांता; कहीं 17 KM का जाम, कहीं 2 घंटे में दर्शन
नए साल के पहले दिन राजस्थान के कोने-कोने में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में सुबह 4 बजे से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं।
नए साल के पहले दिन राजस्थान के कोने-कोने में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में सुबह 4 बजे से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। आलम यह है कि जयपुर से लेकर सीकर और चित्तौड़गढ़ तक, श्रद्धालुओं को अपने आराध्य की एक झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई शहरों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जबकि प्रशासन भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मुस्तैद है।
जयपुर: सुबह 4 बजे ही लग गया जाम
राजधानी जयपुर के आराध्य गोविंददेवजी मंदिर और मोतीडूंगरी गणेशजी मंदिर में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। मंगला झांकी के दर्शन के लिए श्रद्धालु कड़ाके की ठंड के बावजूद तड़के 4 बजे से ही लाइन में लग गए थे। भीड़ का दबाव इतना अधिक था कि परकोटे के बड़ी चौपड़ और चांदी की टकसाल रोड पर सुबह-सुबह ही भारी जाम लग गया।
गोविंददेवजी के दर्शन करने आए मनीष जैन ने बताया, "नया साल भगवान के चरणों में बीते, इससे बेहतर शुरुआत क्या हो सकती है।" मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में भी लोग सपरिवार बप्पा का आशीर्वाद लेने पहुंचे, जिससे जेएलएन मार्ग और आसपास के इलाकों में गाड़ियों की कतारें लग गईं।
खाटूश्यामजी: 17 किमी का ‘नो व्हीकल जोन’
सीकर के खाटूश्यामजी में नए साल का जश्न अनूठे अंदाज में मनाया गया। श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए मशीनों से कृत्रिम स्नोफॉल (बर्फबारी) करवाई गई, जिसने उत्सव के माहौल को और भी खास बना दिया। सुरक्षा और व्यवस्था के मद्देनजर प्रशासन ने बुधवार सुबह से ही रींगस से खाटू तक के 17 किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग को पूरी तरह 'नो व्हीकल जोन' घोषित कर दिया है। गाड़ियों को खाटूधाम से काफी पहले ही रोका जा रहा है, जिससे श्रद्धालु पैदल ही दरबार की ओर बढ़ रहे हैं। बाबा के पट पिछले तीन दिनों से लगातार खुले हुए हैं।
सालासर और त्रिनेत्र गणेशजी में उमड़ा जनसैलाब
चूरू के सालासर बालाजी मंदिर में नए साल की पूर्व संध्या से ही भक्तों का आना जारी है। मंदिर के पट रात 1 बजे ही खोल दिए गए थे। सुबह 7 बजे तक ही करीब 70 हजार श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे और अनुमान है कि आज यह आंकड़ा 1.5 लाख को पार कर जाएगा।
वहीं, सवाई माधोपुर के प्रसिद्ध त्रिनेत्र गणेश मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर वाहनों का जबरदस्त दबाव देखा गया। सुबह 6 बजे ही मंदिर मार्ग पर करीब आधा किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे गाड़ियां रेंगती नजर आईं। रणथंभौर के दुर्ग तक पहुंचने के लिए भक्तों को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
सांवलिया सेठ और मेहंदीपुर बालाजी में विशेष व्यवस्थाएं
चित्तौड़गढ़ के प्रसिद्ध श्री सांवलिया सेठ मंदिर में प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष योजना लागू की है। 2 जनवरी तक भक्तों को केवल मीरा-सर्किल स्थित गेट से ही प्रवेश दिया जा रहा है। मंदिर की सीईओ और एडीएम प्रभा गौतम ने स्वयं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उधर, दौसा के मेहंदीपुर बालाजी में भी दिल्ली, हरियाणा और यूपी से आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण दर्शनों में 2 से 3 घंटे का समय लग रहा है।
कोटा: भजनों की गूंज और मंगल कामना
शिक्षा नगरी कोटा में भी भक्ति का माहौल है। यहाँ के खड़े गणेशजी और बांके बिहारी मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है। बांके बिहारी मंदिर में विशेष भजन-कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है, जहाँ श्रद्धालु नाचते-गाते नए साल की मंगल कामना कर रहे हैं।
प्रशासन की चुनौती
प्रदेश भर के मंदिरों में भीड़ को देखते हुए भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है। दर्शनार्थियों के लिए बैरिकेडिंग, पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था की गई है। हालांकि, कई स्थानों पर श्रद्धालुओं की संख्या उम्मीद से अधिक होने के कारण 'दर्शन' के लिए औसत प्रतीक्षा समय 2 से 3 घंटे तक पहुंच गया है।

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Sachin Sharmaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




