राजस्थान में 22 साल के NEET स्टूडेंट ने दोबारा परीक्षा से पहले कर ली खुदकुशी
सीकर देश के प्रमुख कोचिंग केंद्रों में से एक माना जाता है, जहां हजारों छात्र मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने आते हैं। इस घटना के बाद एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

राजस्थान के सीकर जिले में एक NEET अभ्यर्थी ने आत्महत्या कर ली। घटना उद्योग नगर थाना क्षेत्र की है, जहां 22 वर्षीय छात्र उमेश का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस के अनुसार छात्र मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी कर रहा था और 21 जून को होने वाली परीक्षा में तीसरी बार शामिल होने वाला था।
पुलिस को मिली आत्महत्या की सूचना
उद्योग नगर थाना प्रभारी (SHO) राजेश कुमार बुढ़ानिया ने बताया कि मंगलवार को पुलिस को सूचना मिली कि एक छात्र ने आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का सामने आया है।
तीसरे प्रयास की कर रहा था तैयारी
पुलिस के मुताबिक उमेश पिछले काफी समय से NEET परीक्षा की तैयारी में जुटा हुआ था। वह इस वर्ष 21 जून को आयोजित होने वाली परीक्षा में अपना तीसरा प्रयास देने वाला था। छात्र ने मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने का सपना देखा था और उसी लक्ष्य को लेकर लगातार पढ़ाई कर रहा था।
कोचिंग हब सीकर में बढ़ी चिंता
सीकर देश के प्रमुख कोचिंग केंद्रों में से एक माना जाता है, जहां हजारों छात्र मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने आते हैं। इस घटना के बाद एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अभिभावकों और शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा की तैयारी के दौरान छात्रों पर बढ़ता दबाव गंभीर चिंता का विषय है।
परिवार और साथियों से पूछताछ
पुलिस ने छात्र के परिजनों और परिचितों से पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। कमरे और छात्र से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की गई है। फिलहाल पुलिस को कोई स्पष्ट कारण नहीं मिला है।
पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा। पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस आत्महत्या के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव बना चुनौती
विशेषज्ञों का कहना है कि NEET, JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को अक्सर मानसिक तनाव, असफलता का डर और भविष्य को लेकर चिंता का सामना करना पड़ता है। ऐसे में परिवार, शिक्षकों और संस्थानों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे छात्रों को भावनात्मक और मानसिक सहयोग उपलब्ध कराएं।
जांच जारी, कारणों का इंतजार
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। छात्र की मौत से परिवार में शोक का माहौल है, जबकि सीकर जैसे कोचिंग शहर में यह घटना एक बार फिर छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और परीक्षा दबाव पर गंभीर चर्चा का विषय बन गई है।


